श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर 'कच्ची कांवरिया पथ' पर युद्धस्तर पर काम जारी, 15 जुलाई से बिछेगी बालू की परत
सुल्तानगंज (भागलपुर): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाले सुप्रसिद्ध 'कच्ची कांवरिया पथ' को श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पथ की सफाई, लेवलिंग और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
जेसीबी से हो रही है सफाई और लेवलिंग
श्रावणी मेला के दौरान लाखों की संख्या में कांवरिये नंगे पैर इस कच्ची सड़क से गुजरते हैं। इसे देखते हुए, पथ की सफाई और समतलीकरण (leveling) की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पिछले कुछ दिनों से जेसीबी मशीनों और बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों को तैनात कर पथ के दोनों तरफ के डिवाइडरों, झाड़ियों और मलबे को साफ किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पथ की लेवलिंग इसलिए आवश्यक है ताकि बारिश के मौसम में कहीं भी जलजमाव न हो और कांवरियों के पैरों में चुभने वाली कंकड़-पत्थर या अन्य वस्तुएं न रहें। कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए संबंधित अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
15 जुलाई से बिछेगी 'बालू की परत'
कांवरिया पथ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी सड़क पर बालू की एक मोटी परत बिछाई जाती है, जिससे कांवरियों को नंगे पैर चलने में आसानी होती है। विभागीय जानकारी के अनुसार, बालू डालने का कार्य आगामी 15 जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा। मेला शुरू होने से पहले सुल्तानगंज से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक पूरी सड़क को 'सॉफ्ट ट्रैक' में तब्दील करने का लक्ष्य रखा गया है।
बालू के चयन में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है ताकि वह बारीक हो और उसमें कोई भी नुकीली वस्तु न रहे। यह कार्य मेला शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा, ताकि पहले दिन से ही कांवरियों को इसका लाभ मिल सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल सड़क ही नहीं, बल्कि कांवरिया पथ के किनारे पर्याप्त रोशनी, पेयजल की व्यवस्था और चिकित्सा शिविरों के लिए स्थानों का चयन भी किया जा रहा है। कांवरियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए विभाग की ओर से विशेष टीम तैनात की जाएगी जो पूरे मेला अवधि के दौरान सड़कों की नियमित निगरानी करेगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस बार की गई समयबद्ध तैयारी प्रशंसनीय है। सुल्तानगंज से देवघर की लंबी यात्रा को सुखद बनाने के लिए प्रशासन का यह 'कच्ची पथ' सुधार अभियान कांवरियों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आएगा।
जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ के आसपास काम कर रहे ठेकेदारों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान न डालें और प्रशासन का सहयोग करें ताकि मेला अपनी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हो सके।