एमएसयू का विश्वविद्यालय कार्यकारिणी पुनर्गठन, गौतम झा बने विवि अध्यक्ष; ‘एलएनएमयू चलो’ छात्र आंदोलन को सफल बनाने का लिया संकल्प
दरभंगा। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) ने छात्र हितों को लेकर अपनी सक्रियता को और तेज करते हुए रविवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) परिसर स्थित पीएनबी के समीप विश्वविद्यालय कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया। संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें गौतम झा को विश्वविद्यालय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया, जबकि आदर्श मिश्रा को महासचिव मनोनीत किया गया। इसके अलावा विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों का चयन कर संगठन को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मौजूद संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नवगठित टीम का स्वागत करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही नई टीम को संगठन के प्रस्तावित ‘एलएनएमयू चलो’ छात्र आंदोलन को सफल बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
छात्र हितों को केंद्र में रखकर होगा कार्य
बैठक के दौरान संगठन के नेताओं ने कहा कि एमएसयू की स्थापना से ही छात्रों के अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी विश्वविद्यालय व्यवस्था के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है। नई कार्यकारिणी का गठन भी इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि छात्रों की समस्याओं को मजबूती के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाया जा सके।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के छात्रों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय पर परीक्षा नहीं होना, परिणामों में अनावश्यक विलंब, नामांकन प्रक्रिया में अनियमितता, छात्रावासों की बदहाल स्थिति, पुस्तकालयों में संसाधनों की कमी, पेयजल एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव और नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं होना प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं। नई टीम इन सभी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी।
गौतम झा ने जताया संगठन का आभार
विश्वविद्यालय अध्यक्ष चुने जाने के बाद गौतम झा ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि एमएसयू केवल आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक सुझाव देने में भी विश्वास रखता है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन सकारात्मक पहल करेगा तो संगठन पूरा सहयोग देगा, लेकिन यदि छात्रों के हितों की अनदेखी हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
गौतम झा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाना, छात्रों को समय पर परीक्षाएं और परिणाम उपलब्ध कराना तथा प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित कराना होगा।
आदर्श मिश्रा ने बताई संगठन की प्राथमिकताएं
महासचिव मनोनीत किए जाने के बाद आदर्श मिश्रा ने कहा कि संगठन की नई कार्यकारिणी छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र की समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और उसके समाधान के लिए प्रशासन से लगातार संवाद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एमएसयू विश्वविद्यालय में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, नियमित शैक्षणिक कैलेंडर, समयबद्ध परीक्षा और परिणाम, शोधार्थियों की समस्याओं के समाधान तथा छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से काम करेगा।
‘एलएनएमयू चलो’ आंदोलन को लेकर बनी रणनीति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय संगठन के प्रस्तावित ‘एलएनएमयू चलो’ छात्र आंदोलन की रूपरेखा रहा। नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।
संगठन के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों का दौरा करेंगे। छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को एकत्र किया जाएगा और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
एमएसयू का कहना है कि यदि प्रशासन छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता है तो विश्वविद्यालय स्तर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा।
संगठन विस्तार पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक कॉलेज में सक्रिय इकाइयों का गठन किया जाएगा ताकि छात्र हितों की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से उठाई जा सके।
सदस्यता अभियान चलाकर नए छात्रों को संगठन से जोड़ा जाएगा। साथ ही छात्र प्रतिनिधियों को नेतृत्व विकास और संगठनात्मक कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने-अपने महाविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं का समाधान कराने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए नियमित कक्षाओं का संचालन, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं का विकास और डिजिटल शिक्षा सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
संगठन ने कहा कि छात्रों का भविष्य केवल समय पर परीक्षा कराने से नहीं बनता, बल्कि बेहतर शिक्षण वातावरण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है। इसलिए एमएसयू इन सभी मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा
एमएसयू नेताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पहले संवाद का रास्ता अपनाया जाएगा। यदि उसके बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान छात्रों की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
छात्रों से एकजुट होने की अपील
बैठक में मौजूद नेताओं ने सभी छात्रों से संगठन के साथ जुड़ने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।
संगठन ने छात्रों से विश्वविद्यालय में बेहतर शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन और समयबद्ध शैक्षणिक व्यवस्था के लिए एकजुट होकर सहयोग करने का आह्वान किया।
नई कार्यकारिणी से बढ़ी उम्मीदें
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद छात्रों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। सभी ने उम्मीद जताई कि नई टीम विश्वविद्यालय में छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में प्रभावी पहल करेगी।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का भी मानना है कि यदि छात्र संगठन सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाते हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सकता है, जिससे शैक्षणिक वातावरण में सुधार आएगा।
छात्र राजनीति को मिलेगी नई दिशा
एमएसयू की नई कार्यकारिणी के गठन को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि छात्र हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है।
‘एलएनएमयू चलो’ अभियान के माध्यम से संगठन विश्वविद्यालय की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगा और समाधान होने तक चरणबद्ध तरीके से अपनी गतिविधियां जारी रखेगा। नई टीम के गठन के साथ ही यह संकेत भी मिल गया है कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय परिसर में छात्र मुद्दों को लेकर संगठन की सक्रियता और अधिक बढ़ने वाली है।