मध्य विद्यालय रामजानीपुर में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन, बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संवाद पर जोर
कहलगांव (भागलपुर): शिक्षा के स्तर को सुधारने और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कहलगांव के मध्य विद्यालय, रामजानीपुर में एक भव्य अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (Parent-Teacher Meeting) का आयोजन किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया, जहाँ मुख्य रूप से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, स्कूल में नियमित उपस्थिति और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
संवाद का महत्व: अभिभावक और शिक्षक की भागीदारी
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि एक बच्चे की सफलता में शिक्षक और अभिभावक दोनों की समान भागीदारी होती है। उन्होंने कहा, "विद्यालय केवल चारदीवारी नहीं है, बल्कि यह वह नींव है जहाँ हम बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। जब तक अभिभावक घर पर बच्चों की पढ़ाई और उनकी गतिविधियों पर नजर नहीं रखेंगे, तब तक स्कूल में की गई मेहनत का पूरा लाभ बच्चों को नहीं मिल पाएगा।"
प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की दैनिक दिनचर्या पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि समय पर स्कूल भेजना, होमवर्क पूरा करवाना और बच्चों में सीखने के प्रति जिज्ञासा पैदा करना अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शैक्षणिक प्रगति और नियमित उपस्थिति पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों के प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों को दिखाए गए। जिन बच्चों ने पिछले शैक्षणिक सत्र में बेहतर प्रदर्शन किया था, उनकी सराहना की गई, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष उपचारात्मक कक्षाओं (Remedial Classes) की योजना पर सहमति बनी।
बैठक में 'नियमित उपस्थिति' को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को स्पष्ट किया कि यदि बच्चा नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित नहीं होगा, तो उसे पाठ्यक्रम को समझने में कठिनाई होगी। इसके समाधान के लिए एक 'प्रेरणा रजिस्टर' बनाने का सुझाव दिया गया, जिसमें अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से नियमित संपर्क किया जाएगा।
अनुशासन और संस्कार
अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ बेहतर संस्कार भी दिए जा रहे हैं, लेकिन इसका पालन घर पर भी होना चाहिए। मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग और उसके दुष्प्रभाव के प्रति अभिभावकों को आगाह करते हुए कहा गया कि बच्चों को पढ़ाई के अलावा रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
अभिभावकों का उत्साह और सुझाव
इस संगोष्ठी में अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कुछ अभिभावकों ने स्कूल में खेलकूद की गतिविधियों को और बढ़ाने का आग्रह किया, जिस पर प्रधानाध्यापक ने सकारात्मक आश्वासन दिया। संगोष्ठी के अंत में सभी अभिभावकों ने यह संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से विद्यालय के संपर्क में रहेंगे और अपने बच्चों के शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में हर संभव सहायता करेंगे।
मध्य विद्यालय रामजानीपुर का यह प्रयास न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि समुदाय और विद्यालय के बीच एक विश्वास का सेतु भी स्थापित करेगा। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, जिन्होंने अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा तैयार की।