जेपी कॉलेज के प्राचार्य पर लगे आरोपों की जांच शुरू, तीन सदस्यीय टीम ने दर्ज किए बयान

नारायणपुर: भागलपुर जिले के नारायणपुर स्थित जेपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. इमरान खान इन दिनों विवादों के केंद्र में हैं। कॉलेज के छात्र संगठन द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और एक वायरल वीडियो में उनकी कथित 'आपत्तिजनक टिप्पणियों' के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक तीन सदस्यीय जांच टीम ने शनिवार को कॉलेज पहुंचकर विस्तृत जांच-पड़ताल की।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्राचार्य प्रो. इमरान खान को कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हुए सुना गया। इस वीडियो के सामने आते ही छात्र संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। छात्र नेताओं ने प्राचार्य पर न केवल अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया, बल्कि उनके प्रशासनिक कार्यों और कॉलेज के संचालन शैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद मामला विश्वविद्यालय मुख्यालय तक पहुंचा, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए।

जांच टीम का कड़ा रुख

विश्वविद्यालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम शनिवार को दोपहर में कॉलेज परिसर पहुंची। टीम ने सबसे पहले छात्र संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे वायरल वीडियो व अन्य शिकायतों के संदर्भ में साक्ष्य मांगे। इसके बाद, टीम ने प्राचार्य प्रो. इमरान खान को तलब किया और उनसे वायरल वीडियो में कही गई बातों को लेकर सीधे सवाल किए।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने केवल प्राचार्य से ही नहीं, बल्कि कॉलेज के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से भी अलग-अलग बातचीत की। टीम ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जांच की:

प्रशासनिक शैली: प्राचार्य के कार्य करने के तरीके और कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने की उनकी शैली पर सवाल किए गए।

कर्मचारियों का व्यवहार: टीम ने यह जानने की कोशिश की कि क्या प्राचार्य का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति भी वैसा ही है जैसा वीडियो में सुना गया।

कॉलेज का माहौल: शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होने की शिकायतों की भी पड़ताल की गई।

प्राचार्य की सफाई और आगे की प्रक्रिया

पूछताछ के दौरान प्राचार्य प्रो. इमरान खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने टीम के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह सब उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश है और वीडियो को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। हालांकि, जांच टीम ने उनकी सफाई को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है और साक्ष्यों का मिलान करने की बात कही है।

रजिस्ट्रार ने मांगा स्पष्टीकरण

जांच टीम के वापस लौटने के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने मामले का संज्ञान लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने प्राचार्य को पत्र लिखकर उनसे इन सभी शिकायतों पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। रजिस्ट्रार ने सख्त लहजे में कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों में मर्यादा का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्र संगठन की चेतावनी

जांच टीम के जाने के बाद छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्राचार्य के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण के बाद कॉलेज परिसर में गहमागहमी का माहौल है और सभी की नजरें विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं। इस घटना ने कॉलेज की शैक्षणिक गरिमा पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जिसे लेकर स्थानीय बुद्धिजीवी वर्ग भी चिंतित है।