चुनिहारी टोला के प्राचीन खाटू श्याम मंदिर में 17वां प्राण प्रतिष्ठा उत्सव 10 जुलाई को, भव्य तैयारियों में जुटी समिति
भागलपुर: शहर के ऐतिहासिक चुनिहारी टोला स्थित प्राचीन खाटू श्याम मंदिर में आगामी 10 जुलाई को 17वां प्राण प्रतिष्ठा उत्सव बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। करीब 166 वर्ष पुराने इस मंदिर की भव्यता और मान्यता को देखते हुए इस उत्सव को लेकर भक्तों में काफी उत्साह है। मंदिर समिति ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मंदिर का गौरवशाली इतिहास
चुनिहारी टोला का यह खाटू श्याम मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह भागलपुर की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। मंदिर समिति के अनुसार, इस 166 वर्ष पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 2010 में किया गया था। तब से लेकर अब तक हर वर्ष प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को एक बड़े आयोजन के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह उत्सव अपनी 17वीं वर्षगांठ के रूप में आयोजित हो रहा है।
दिनभर होंगे धार्मिक अनुष्ठान
10 जुलाई को होने वाले इस उत्सव के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए समिति के सदस्यों ने बताया कि दिन की शुरुआत भोर में विशेष पूजा और अभिषेक के साथ होगी।
प्रातःकालीन अनुष्ठान: सुबह बाबा श्याम का विशेष अभिषेक और श्रृंगार किया जाएगा, जिसके बाद भक्तगण विधिवत पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
सांध्यकालीन कार्यक्रम: शाम को भव्य आरती का आयोजन होगा, जिसके बाद भक्ति संगीत और भजन संध्या का सिलसिला शुरू होगा। स्थानीय और ख्याति प्राप्त कलाकार बाबा के चरणों में अपनी मधुर प्रस्तुतियां देंगे।
श्रद्धालुओं में उत्साह
मंदिर समिति के सदस्य आयोजन की सफलता के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। चुनिहारी टोला और आसपास के क्षेत्रों के भक्त भी अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने में लगे हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ के बावजूद दर्शन सुगम रहें।
भक्तों का मानना है कि खाटू श्याम जी के दर्शन मात्र से ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और यह प्राण प्रतिष्ठा उत्सव का दिन बाबा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे उत्तम अवसर है। मंदिर परिसर में आने वाले दिनों में और भी रौनक बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि भागलपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्याम प्रेमी इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
सेवा और समर्पण की भावना
आयोजन से जुड़े मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करें। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात रहेगी।