अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महाशय ड्योढ़ी इलाके में 150 लीटर अर्द्धनिर्मित शराब विनष्ट
नातनगर (भागलपुर): भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महाशय ड्योढ़ी इलाके में पुलिस ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को पुलिस की टीम ने छापेमारी कर लगभग 150 लीटर अर्द्धनिर्मित (अर्धनिर्मित) शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की दबिश
मिली जानकारी के अनुसार, नाथनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि महाशय ड्योढ़ी के निचले और सघन आबादी वाले इलाकों में कुछ लोग चोरी-छिपे महुआ शराब बनाने का धंधा चला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद नाथनगर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस दल ने घेराबंदी करते हुए मौके पर धावा बोला।
जैसे ही पुलिस टीम उस स्थान पर पहुंची, वहां शराब बनाने में लगे धंधेबाज पुलिस की आहट पाते ही अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में ड्रमों में रखे महुआ 'पाशन' (अर्द्धनिर्मित शराब) को बरामद किया।
बड़ी मात्रा में कच्चा माल विनष्ट
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बरामद सभी 150 लीटर अर्द्धनिर्मित शराब को मौके पर ही बहते पानी में बहाकर नष्ट कर दिया। पुलिस ने शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे भट्ठियों और उपकरणों को भी तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से शराब बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री को नष्ट कर दिया गया है, ताकि इसका उत्पादन दोबारा न हो सके।
शराब माफियाओं की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस ने वहां मौजूद कुछ साक्ष्यों को इकट्ठा किया है। स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने धंधेबाजों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्र में कड़ी निगरानी के निर्देश
इस इलाके में हाल के दिनों में अवैध शराब के निर्माण की खबरें लगातार आ रही थीं। इसे देखते हुए नाथनगर पुलिस अब इस क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग करेगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास ऐसी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
इस छापेमारी के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में भी तलाशी अभियान चलाया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और तो शराब का निर्माण नहीं हो रहा है। पुलिस प्रशासन की इस तत्परता की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।