मालदा मंडल से विशेष ट्रेनों के परिचालन हेतु रेलवे को भेजा गया प्रस्ताव

भागलपुर/मालदा: श्रावणी मेले और आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अब ट्रेनों की कमी को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। यात्रियों और धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती मांग के मद्देनजर, मालदा रेल मंडल प्रशासन को विशेष ट्रेनों के परिचालन (Special Trains) के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। इस कदम से क्षेत्र के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्यों पड़ी विशेष ट्रेनों की जरूरत?

हर साल सावन के महीने और विभिन्न धार्मिक उत्सवों के दौरान मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों, विशेषकर भागलपुर, सुल्तानगंज और मालदा टाउन जैसे केंद्रों पर यात्रियों का अभूतपूर्व दबाव रहता है। सुल्तानगंज में गंगा जल लेकर देवघर जाने वाले कांवरियों की संख्या लाखों में होती है। वर्तमान में नियमित ट्रेनों में सीट मिलना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रेनों का चलना अब समय की मांग बन गया है।

प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु

रेलवे के उच्चाधिकारियों को भेजे गए इस प्रस्ताव में कुछ प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया है:

प्रमुख मार्ग: प्रस्ताव में भागलपुर-जमालपुर-किउल और मालदा-भागलपुर-नई दिल्ली/हावड़ा जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर विशेष ट्रेनों के परिचालन की सिफारिश की गई है।

समय सीमा: विशेष ट्रेनों का परिचालन मुख्य रूप से श्रावणी मेले की अवधि और अन्य त्योहारों के पीक सीजन के लिए प्रस्तावित है।

अतिरिक्त फेरे: मौजूदा ट्रेनों में भीड़ कम करने के लिए कुछ चुनिंदा ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे (Extra Trips) बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है।

यात्री सुविधा: इन विशेष ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों की संख्या अधिक रखने की मांग की गई है ताकि आम श्रद्धालुओं को लाभ मिल सके।

क्या कहते हैं यात्री और प्रतिनिधि?

स्थानीय रेल यात्री संघों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से ट्रेनों में जगह न मिल पाने के कारण यात्रियों को निजी बसों या अन्य महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था। विशेष ट्रेनों के परिचालन से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि रेल राजस्व में भी वृद्धि होगी। जनप्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में रेल मंत्री को पत्र लिखकर जल्द से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।

रेलवे की तैयारी

मालदा मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल कार्यालय को आम जनता और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार आवेदन मिल रहे थे। प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए मंडल प्रशासन ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है और इसे जोन मुख्यालय को भेज दिया है। जोन से हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों के परिचालन की घोषणा कर दी जाएगी। रेलवे का प्रयास है कि 'पीक सीजन' के दौरान कोई भी श्रद्धालु यात्रा से वंचित न रहे।

निष्कर्ष

फिलहाल, मालदा मंडल प्रशासन अब मुख्यालय के निर्देश की प्रतीक्षा कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो आने वाले दिनों में यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से मुक्ति मिलेगी। रेलवे की यह पहल न केवल भीड़ प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव भी सुनिश्चित करेगी।