पर्यटन मंत्री से मिले एफएएसआईआई के अध्यक्ष एमडी परवाज अंसारी, एमएसएमई और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर हुई विस्तृत चर्चा
मुजफ्फरपुर। बिहार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को नई गति देने और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। मुजफ्फरपुर में एफएएसआईआई (FASII) के अध्यक्ष एमडी परवाज अंसारी ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्य में उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं, पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को बिहार में आर्थिक विकास और पर्यटन क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि यदि पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्रों को आपस में जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।
एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर
बैठक के दौरान एफएएसआईआई के अध्यक्ष एमडी परवाज अंसारी ने कहा कि बिहार में एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों को बेहतर सुविधाएं, आसान वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और प्रभावी विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराकर लाखों युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करनी चाहिए ताकि उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और विस्तार करने में आसानी हो।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर हुई चर्चा
बैठक का प्रमुख विषय पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक विकास से जोड़ना भी रहा। एमडी परवाज अंसारी ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है।
उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और छोटे उद्योगों को विकसित किया जाए। इससे पर्यटकों को स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्थानीय उद्यमियों की समस्याएं उठाईं
अंसारी ने बैठक के दौरान स्थानीय उद्यमियों को आने वाली विभिन्न समस्याओं से भी पर्यटन मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कई छोटे उद्योगों को वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष नीति तैयार करने का आग्रह किया ताकि स्थानीय उद्योग प्रतिस्पर्धी बन सकें।
पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर
बैठक में बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सड़क, परिवहन, स्वच्छता, होटल, गेस्ट हाउस, सूचना केंद्र और डिजिटल सुविधाओं के विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया।
यह भी सुझाव दिया गया कि पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
निवेश आकर्षित करने पर विचार
बैठक में राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार किया गया। एमडी परवाज अंसारी ने कहा कि यदि सरकार उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करे तो बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने से नए उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर फोकस
बैठक के दौरान युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्रों को जोड़कर स्वरोजगार आधारित मॉडल विकसित किए जाएं।
स्थानीय युवाओं को होटल प्रबंधन, टूर गाइड, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, परिवहन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।
पर्यटन मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया
बैठक के दौरान पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने विभिन्न सुझावों को गंभीरता से सुना और कहा कि राज्य सरकार पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं और बैठक में रखे गए सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ विचार किया जाएगा ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर भी चर्चा
बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से पर्यटन और उद्योग क्षेत्र में नई परियोजनाओं को विकसित करने पर भी विचार किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से पर्यटन अवसंरचना, होटल उद्योग और स्थानीय व्यवसायों को नई दिशा मिल सकती है।
आर्थिक विकास की नई संभावनाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एमएसएमई और पर्यटन क्षेत्रों को एकीकृत विकास मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जाता है तो बिहार में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
मुजफ्फरपुर में एफएएसआईआई के अध्यक्ष एमडी परवाज अंसारी और पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बीच हुई बैठक को बिहार में उद्योग, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। एमएसएमई को मजबूत करने, पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने, स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने और निवेश को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा भविष्य में राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि बैठक में दिए गए सुझावों को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो बिहार न केवल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है, बल्कि छोटे उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों के लिए भी विकास के नए द्वार खुल सकते हैं।