वारंटी पिंटू दास और सुनील मंडल गिरफ्तार, भेजा गया जेल

गोराडीह (भागलपुर): भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार की देर रात थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए दो वांछित वारंटियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पिंटू दास और सुनील मंडल के रूप में हुई है, जो काफी समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे थे।

गुप्त सूचना पर पुलिस की घेराबंदी

गोराडीह थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से इन दोनों वारंटियों के क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिल रही थी। शनिवार की रात जैसे ही पुलिस को उनके सटीक ठिकाने के बारे में गुप्त जानकारी मिली, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने बिना देर किए उस स्थान की घेराबंदी की और पिंटू दास तथा सुनील मंडल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट से जारी था गिरफ्तारी का वारंट

थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व में ही संबंधित न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। लंबे समय तक कोर्ट में उपस्थित नहीं होने और पुलिस की दबिश से बचने के लिए ये दोनों वारंटी बार-बार अपना स्थान बदल रहे थे। कानून की प्रक्रिया से बचने के लिए इन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे इनकी एक न चली।

जेल भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद रात में ही पुलिस ने दोनों को थाने लाया, जहाँ उनसे प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद, कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने स्पष्ट किया कि जिले में वांछित वारंटियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इलाके के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून का भय कायम रहेगा और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि कोई भी अपराधी कानून की गिरफ्त से ज्यादा दिनों तक दूर नहीं रह सकता। साथ ही, गोराडीह पुलिस ने क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखने का दावा किया है। थानाध्यक्ष ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिले, तो तुरंत स्थानीय थाना को सूचित करें।

गोराडीह पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बढ़ते अपराध नियंत्रण के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में अन्य फरार अपराधियों पर कितनी जल्दी कानूनी शिकंजा कसता है।