अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, लाखों की ठगी के शिकार लोगों को वापस मिली रकम
भागलपुर: साइबर अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए अभियान में भागलपुर साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने विभिन्न राज्यों में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकर लोगों को अपना निशाना बनाया था और उनसे करोड़ों की ठगी की थी। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल गिरोह की कमर तोड़ी है, बल्कि ठगी के शिकार हुए कई लोगों के पैसे वापस दिलाने में भी मदद की है।
अलग-अलग राज्यों से दबोचे गए अपराधी
भागलपुर साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल सर्विलांस का सहारा लेते हुए इस गिरोह का पीछा किया। छापेमारी की कार्रवाई इतनी सटीक थी कि अपराधी संभल नहीं पाए। पुलिस ने इन ठगों को बिहार के अलावा अन्य पड़ोसी राज्यों से गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से काम करता था। ये लोग फर्जी बैंक खाते, फर्जी सिम कार्ड और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लुभावने ऑफर देकर अपने जाल में फंसाते थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे देश के कई अन्य राज्यों में चल रहे साइबर अपराधों के तार जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
लोगों को वापस मिली मेहनत की कमाई
इस कार्रवाई का सबसे सुखद पहलू यह है कि पुलिस ने केवल अपराधियों को पकड़ा ही नहीं, बल्कि उनकी गतिविधियों पर रोक लगाकर ठगी के शिकार लोगों के पैसे भी रिकवर किए हैं। भागलपुर पुलिस ने उन बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करवाया, जिनमें ठगी का पैसा ट्रांसफर किया गया था।
रिकवरी का आंकड़ा: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक लाखों रुपये की राशि उन लोगों के खातों में वापस कराई है, जिनके साथ ये ठग धोखाधड़ी कर चुके थे।
न्याय का आश्वासन: साइबर पुलिस ने पीड़ित लोगों को सूचित किया है कि उनके फंसे हुए पैसे को वापस दिलाने के लिए पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जांच में पता चला कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी, कस्टम विभाग का कर्मचारी या कभी लॉटरी का लालच देकर लोगों को फोन करते थे। ये लोग 'रिमोट एक्सेस ऐप' (जैसे AnyDesk या TeamViewer) के जरिए लोगों के फोन और कंप्यूटर को हैक कर लेते थे। पुलिस ने बार-बार लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण साझा न करें।
साइबर पुलिस की आगे की रणनीति
भागलपुर के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह अभी भी जांच के दायरे में है। गिरफ्तार अपराधियों से मिले मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में पुलिस उन सभी तकनीकी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराएगी, ताकि ठगी के और बड़े नेटवर्क को बेनकाब किया जा सके।
इस गिरफ्तारी के बाद भागलपुर साइबर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में हो रहे अपराधों के खिलाफ उनकी पकड़ मजबूत है। साथ ही, पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि वे खुद को और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें।