अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी: 30 जून तक जारी होगी सेवा विस्तार की अधिसूचना, 1 जुलाई से शुरू करेंगे शिक्षण कार्य

भागलपुर: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आरंभ होने के साथ ही अतिथि शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अपने सेवा नवीनीकरण (Service Renewal) का इंतजार कर रहे अतिथि शिक्षकों को अब जल्द ही आधिकारिक तौर पर राहत मिलने वाली है। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि 30 जून तक सेवा विस्तार से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी, ताकि 1 जुलाई से अतिथि शिक्षक निर्बाध रूप से अपनी कक्षाएं ले सकें।

क्या है पूरा मामला?

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षक बीते कुछ समय से अपनी सेवाओं के विस्तार को लेकर असमंजस की स्थिति में थे। टीएमबीयू (TMBU) सहित राज्य के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलसचिव (Registrar) से मुलाकात कर अपनी चिंताएं साझा की थीं। शिक्षकों का मुख्य तर्क था कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है और वे छात्रों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं चाहते।

प्रशासन ने दी हरी झंडी

अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है:

सलेक्शन कमेटी की मंजूरी: प्रशासन ने जानकारी दी है कि रसायन शास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और हिंदी सहित प्रमुख विषयों के लिए सलेक्शन कमेटी से सेवा विस्तार की अनुमति प्राप्त कर ली गई है।

परफॉर्मेंस रिपोर्ट का सत्यापन: सभी अंगीभूत कॉलेजों और पीजी विभागों से शिक्षकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुकी है, जिसके आधार पर ही यह नवीनीकरण किया जा रहा है।

अधिसूचना की समय-सीमा: कुलसचिव ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए 30 जून की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस तिथि तक हर हाल में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

1 जुलाई से कक्षाएं होंगी शुरू

अतिथि शिक्षकों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि 1 जुलाई से कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों का नया दौर शुरू होने जा रहा है। अधिसूचना जारी होने के बाद, शिक्षक अपने निर्धारित समय-सारणी के अनुसार छात्रों को पढ़ाने का कार्य शुरू कर देंगे। इससे न केवल शिक्षकों की नौकरी का संकट दूर होगा, बल्कि छात्रों का पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा हो सकेगा।

शिक्षकों में उत्साह और उम्मीद

विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर अधिसूचना जारी होने से शैक्षणिक वातावरण बना रहेगा। शिक्षकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आगे की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ शिक्षण कार्य में जुट सकें।

प्रशासन द्वारा 30 जून तक का आश्वासन मिलना अतिथि शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है। 1 जुलाई से शिक्षण कार्य शुरू होने से शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन की राह प्रशस्त हो गई है। अब सभी की निगाहें 30 जून की तारीख पर टिकी हैं, जब अंतिम मुहर लगने के बाद अधिसूचना सार्वजनिक की जाएगी।