पश्चिमी चंपारण में दिल दहला देने वाली घटना मां पर छह माह की मासूम बच्ची की हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

बेतिया। पश्चिमी चंपारण जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के बड़का गांव से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपनी ही छह माह की दुधमुंही बच्ची की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद महिला ने कथित रूप से स्वयं को भी घायल कर लिया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक, हैरानी और सनसनी का माहौल है।

मृत बच्ची की पहचान पूजा कुमारी, पिता सुनील दास, निवासी बड़का गांव, के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला सब्जी काटने का धारदार औजार (फसूल) भी बरामद कर लिया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

गुरुवार रात हुई घटना

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार देर रात की है। बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता सुनील दास करीब एक सप्ताह पहले रोजगार के सिलसिले में चंडीगढ़ गए थे। घर पर उनकी पत्नी सीमा देवी और छह माह की बच्ची मौजूद थीं।

इसी दौरान देर रात बच्ची की हत्या किए जाने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना का पता चलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पहुंचकर बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

महिला अस्पताल में भर्ती

घटना के बाद महिला भी घायल अवस्था में मिली। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकीय देखरेख के साथ पुलिस की निगरानी भी रखी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि महिला से पूछताछ उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

गोपालपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है। फॉरेंसिक जांच की आवश्यकता होने पर संबंधित टीम की भी सहायता ली जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी भौतिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पारिवारिक परिस्थितियों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

परिवार और गांव में मातम

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पड़ोसी और ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतनी छोटी बच्ची की इस तरह मौत हो गई। गांव में पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही और हर कोई इस घटना पर दुख व्यक्त करता दिखाई दिया।

बच्ची के पिता के चंडीगढ़ में होने के कारण परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना उन्हें भी दे दी गई है और उनके गांव लौटने की संभावना जताई जा रही है।

मानसिक स्थिति को लेकर विभिन्न दावे

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर महिला की मानसिक स्थिति को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आई हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि प्रसव के बाद से महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस या चिकित्सकों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस का कहना है कि महिला की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और मानसिक अवस्था का आकलन चिकित्सकीय जांच तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।

विशेषज्ञों की राय

मनोचिकित्सकों का कहना है कि प्रसव के बाद कुछ महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं विकसित हो सकती हैं। हालांकि, किसी विशेष घटना का कारण बिना चिकित्सकीय मूल्यांकन और जांच के निर्धारित नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर चिकित्सकीय परामर्श, परिवार का सहयोग और नियमित निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले परिवार की स्थिति क्या थी, क्या किसी प्रकार का पारिवारिक विवाद था, महिला की स्वास्थ्य संबंधी पृष्ठभूमि क्या रही है और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था।

पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।

लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घटना को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।

समाज के लिए गंभीर संदेश

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए भी कई महत्वपूर्ण सवाल छोड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के साथ-साथ महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवार, समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी महिला को प्रसव के बाद आवश्यक चिकित्सकीय और भावनात्मक सहयोग समय पर मिले।

फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी। पूरे पश्चिमी चंपारण जिले में इस दर्दनाक घटना को लेकर गहरा दुख और चिंता का माहौल है, जबकि स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।