बैजानी गांव में दिशा ग्रामीण विकास मंच की अनूठी पहल; दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ, विशेषज्ञों की देखरेख में पहले दिन दर्जनों ग्रामीणों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के बाईपास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदूर ग्रामीण इलाके बैजानी गांव में प्रकृति की गोद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से एक सराहनीय कदम उठाया गया है। बुधवार को दिशा ग्रामीण विकास मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष शिविर में देश-विदेश और क्षेत्र के जाने-माने प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों, चिकित्सकों और वैद्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के पहले दिन ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जबरदस्त जागरूकता देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में पहुंचकर लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठाया।
दिग्गज चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति और भव्य उद्घाटन समारोह
शिविर के पहले दिन बैजानी गांव स्थित सामुदायिक प्रांगण में एक गरिमामयी उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय स्वास्थ्य महाकुंभ का उद्घाटन चिकित्सा जगत के जाने-माने दिग्गजों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया:
प्रमुख विशेषज्ञों की सहभागिता: इस उद्घाटन समारोह में जाने-माने चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार कुटेमाटे, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रितेश हालदार, और प्रतिष्ठित आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सक वैद्य लीला गुप्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत: दिशा ग्रामीण विकास मंच के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों का पाग, चादर और पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और एलोपैथी के अत्यधिक उपयोग के दौर में प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने का सबसे सशक्त माध्यम है।
पहले दिन का स्वास्थ्य परीक्षण: 50 लोगों की जांच और 20 रोगियों को दी गई विशेष प्राकृतिक चिकित्सा
शिविर के पहले दिन ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी मांग और लोगों का उत्साह साफ तौर पर देखने को मिला:
50 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण: शिविर के शुरुआती घंटों में ही विभिन्न आयु वर्ग के 50 से अधिक ग्रामीण अपने स्वास्थ्य की जांच कराने पहुँचे। डॉक्टरों ने रक्तचाप (Blood Pressure), मधुमेह (Diabetes), जोड़ों का दर्द, पेट की बीमारियां और सामान्य शारीरिक कमजोरी जैसे लक्षणों की बारीकी से जांच की।
20 गंभीर या पुरानी बीमारियों से ग्रसित रोगियों को प्राकृतिक उपचार: जांच के उपरांत पहले दिन लगभग 20 ऐसे रोगियों को चिन्हित किया गया जो लंबे समय से पुरानी बीमारियों (जैसे गठिया, साइटिका, मोटापा, और पुरानी कब्ज) से जूझ रहे थे। उन्हें वैद्य लीला गुप्त और अन्य विशेषज्ञों द्वारा जड़ी-बूटियों, योग, आहार-विहार में बदलाव और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों (जैसे मड बाथ, एक्यूप्रेशर और स्टीम बाथ के विकल्प) के जरिए विशेष उपचार और परामर्श दिया गया।
ग्रामीणों में उत्साह और प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में इस तरह के विशेषज्ञ चिकित्सकों का पहुँचना और मुफ्त में परामर्श तथा दवाइयां मिलना किसी वरदान से कम नहीं है।
दवाइयों के दुष्प्रभावों से मुक्ति: आयोजकों ने बताया कि आज के समय में लोग छोटी-छोटी बीमारियों के लिए अंग्रेजी दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल करते हैं, जिससे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राकृतिक चिकित्सा हमारे खान-पान और जीवनशैली को सुधारकर जड़ से बीमारी को खत्म करने का काम करती है।
महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी: इस शिविर में विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बुजुर्गों ने घुटनों के दर्द और कमर दर्द की समस्याओं को लेकर चिकित्सकों से विस्तृत सलाह ली।
दिशा ग्रामीण विकास मंच द्वारा बैजानी गांव में आयोजित यह दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रहा है। डॉ. धनंजय कुमार कुटेमाटे, डॉ. रितेश हालदार और वैद्य लीला गुप्त जैसे विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो गांवों के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। शिविर के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोगों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।