महिषी थाना क्षेत्र के भारतमाला सड़क पर दर्दनाक सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार 40 वर्षीय बौआ साह की मौत, गांव में पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
महिषी: बिहार के सहरसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुजरने वाली महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना (Bharatmala Highway) की सड़क पर एक बेहद दर्दनाक और मर्माहत करने वाली सड़क दुर्घटना का मामला सामने आया है। तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों की आवाजाही के लिए कुख्यात हो चुकी इस सड़क पर एक अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में लगभग 40 वर्षीय बौआ साह की जान चली गई। मृतक अपने घर लौट रहे थे, तभी काल बनकर आए किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अन्य उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में या अस्पताल पहुँचते-पहुंचते उनकी सांसें थम गईं। इस अप्रिय घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दुर्घटना की पूरी पृष्ठभूमि: कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बौआ साह अपने किसी व्यक्तिगत कार्य से घर से बाहर गए हुए थे और देर शाम अपनी साइकिल से वापस अपने गांव लौट रहे थे।
भारतमाला सड़क पर तेज रफ्तार का कहर: भारतमाला परियोजना के तहत बनी इस आधुनिक और चौड़ी सड़क पर वाहनों की आवाजाही अमूमन अत्यधिक उच्च गति (High Speed) पर होती है। सड़क सुरक्षा मानकों और गति नियंत्रण के अभाव में यह मार्ग आए दिन सड़क हादसों का अखाड़ा बनता जा रहा है।
अज्ञात वाहन की चपेट में आए बौआ साह: जब बौआ साह महिषी थाना क्षेत्र से गुजरने वाले इस सड़क मार्ग के पास पहुंचे, तो किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से या सामने से उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे और उनकी साइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
अस्पताल ले जाने का प्रयास और डॉक्टरों की बेबसी
सड़क पर खून से लथपथ पड़े बौआ साह को देखकर आसपास के राहगीर और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार और रेफर: स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें फौरन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) पहुँचाया गया, जहां ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर चोटें आने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
बेहतर इलाज के लिए संदर्भ (Refer): स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने स्थिति की नाजुकता को भांपते हुए उन्हें तुरंत किसी बड़े अस्पताल या हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें बचाने की जद्दोजहद में अस्पताल से लेकर निकले, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
गांव में छाया मातम: परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
बौआ साह की असामयिक और आकस्मिक मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुँची, वहां सन्नाटा पसर गया।
रोते-बिलखते परिजन: मृतक अपने परिवार का एक अहम हिस्सा और आजीविका का संबल थे। उनकी अचानक हुई इस मौत से पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के कमाऊ सदस्य के चले जाने से परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश और संवेदना: गांव के लोगों का कहना है कि भारतमाला सड़क के निर्माण के बाद से इस क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस दुर्घटना के जिम्मेदार अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
महिषी थाना क्षेत्र के भारतमाला मार्ग पर हुई बौआ साह की यह दुर्घटना एक बार फिर से हमारी सड़कों पर अनियंत्रित रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में इस दर्दनाक हादसे की भेंट चढ़ गया। पुलिस इस मामले में अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है, लेकिन यह हादसा समाज और प्रशासन दोनों के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सबक छोड़ गया है।