कमरगंज गांव में पारिवारिक कलश से तंग आकर 35 वर्षीय महिला चंपा देवी ने खाई सल्फास की गोली; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्थिति गंभीर होने पर मायागंज अस्पताल रेफर, डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमरगंज गांव से एक बेहद मर्मस्पर्शी और सनसनीखेज घटना सामने आई है। बुधवार को पारिवारिक तनाव और घरेलू कलह से तंग आकर एक 35 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर जहरीली दवा (सल्फास) का सेवन कर लिया। महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला को सुल्तानगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाज़ुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला? कमरगंज गांव की घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुल्तानगंज के कमरगंज गांव निवासी 35 वर्षीय चंपा देवी (काल्पनिक/उल्लिखित नाम) का अपने परिवार के किसी घरेलू मुद्दे या आपसी कलह को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। बुधवार को यह विवाद इतना बढ़ा कि मानसिक तनाव और आवेश में आकर महिला ने कोई कठोर कदम उठाने का फैसला कर लिया:
सल्फास की गोली का सेवन: बताया जा रहा है कि महिला ने घर पर ही चुपचाप कीटों को मारने वाली जहरीली दवा (सल्फास) खा ली। कुछ ही देर बाद जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं, तब परिजनों की नजर उस पर पड़ी।
घर में मचा कोहराम: महिला को इस हालत में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने जब पूछताछ की और आसपास सल्फास का डिब्बा देखा, तो उन्हें समझते देर नहीं लगी कि उसने जहर गटक लिया है। तुरंत गांव के लोगों की मदद से उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई।
अस्पताल में अफरा-तफरी: सुल्तानगंज से मायागंज रेफर
परिजनों द्वारा फौरन महिला को सुल्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ आपातकालीन कक्ष (Emergency Ward) में तैनात चिकित्सा अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसका इलाज शुरू किया:
पेट की सफाई और प्राथमिक उपचार: डॉक्टरों ने जहरीला पदार्थ शरीर में फैलने से रोकने के लिए प्राथमिक उपचार और गैस्ट्रिक लावा (पेट की सफाई) जैसी जरूरी प्रक्रियाएं कीं।
स्थिति गंभीर होने पर मायागंज रेफर: सुल्तानगंज स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने बताया कि सल्फास एक अत्यंत तीव्र और घातक जहर है, जिसका असर बहुत तेजी से शरीर के अंगों पर पड़ता है। चंपा देवी की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी और उनका ब्लड प्रेशर तथा नब्ज अनियंत्रित हो रहे थे। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आईसीयू (ICU) सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) के लिए रेफर कर दिया।
मायागंज अस्पताल में संघर्ष: एम्बुलेंस के जरिए महिला को मायागंज अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की एक टीम उनकी जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। समाचार लिखे जाने तक महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
घरेलू कलह और मानसिक स्वास्थ्य का गंभीर पहलू
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ रहे मानसिक तनाव, डिप्रेशन और घरेलू कलह जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर दिया है:
रिश्तों में खटास और सहनशीलता की कमी: जानकारों का मानना है कि जीवन में आने वाली छोटी-मोटी पारिवारिक परेशानियों या आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाने के बजाय कई बार लोग आवेश में आकर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा लेते हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया: मायागंज अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस अनहोनी से पूरी तरह सदमे में हैं और बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह चंपा देवी की जान बच जाए। पुलिस को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है, और अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमानुसार आगे की कानूनी और कागजी कार्रवाई की जा रही है।
सुल्तानगंज के कमरगंज गांव में हुई यह घटना अत्यंत दुखद और विचारणीय है। यह साबित करती है कि घरेलू तनाव और मानसिक अशांति किस हद तक किसी व्यक्ति को खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है। समय रहते यदि परिवारों में संवाद स्थापित किया जाए और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए, तो ऐसी अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है। फिलहाल, पूरा प्रशासनिक और चिकित्सीय ध्यान महिला के जीवन की रक्षा करने पर केंद्रित है।