बिहार, झारखंड, यूपी और नेपाल से पहुंचे कांवरिया, रविवार को 70 हजार श्रद्धालु हुए रवाना श्रावणी मेले में बढ़ी भीड़, सुल्तानगंज से देवघर के लिए लगातार रवाना हो रहे कांवरिया
सुल्तानगंज : श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज में कांवरियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा जल लेने और बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने के लिए सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। रविवार को करीब 70 हजार कांवरिया गंगा जल लेकर देवघर की ओर रवाना हुए। सुबह से ही अजगैबीनाथ धाम और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।
कांवरियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंगा घाटों से लेकर कांवरिया पथ तक निगरानी बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर भी लगाए गए हैं।
गंगा स्नान के बाद जल भरा
रविवार को बड़ी संख्या में कांवरियों ने गंगा में स्नान कर अजगैबीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने अपने कांवर में गंगाजल भरा और बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा शुरू की।
कांवरिया बोल-बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ आगे बढ़ते नजर आए। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं से कांवरिया पथ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कई कांवरिया समूहों में यात्रा कर रहे थे, जबकि कुछ श्रद्धालु परिवार और दोस्तों के साथ देवघर के लिए रवाना हुए।
दूसरे राज्यों और नेपाल से भी पहुंच रहे श्रद्धालु
श्रावणी मेले में इस बार बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में कांवरिया पहुंच रहे हैं। नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी मेले की अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दर्शाती है।
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर गंगा जल भरते हैं और फिर करीब 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान कांवरियों के लिए विभिन्न स्थानों पर पानी, भोजन, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है।
सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं की मदद
कांवरिया पथ पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को पेयजल, शरबत, फल, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कई शिविरों में कांवरियों के आराम के लिए अस्थायी व्यवस्था भी की गई है। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे हैं। गर्मी और उमस के बीच कांवरियों को परेशानी न हो, इसके लिए भी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर
70 हजार के करीब कांवरियों के एक दिन में रवाना होने के कारण प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घाटों, मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और कांवरिया पथ पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, मार्ग प्रबंधन और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्ग से यात्रा करने की अपील की जा रही है।
कांवरिया पथ पर बढ़ी रौनक
कांवरियों की भारी भीड़ से सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह बोल-बम के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों और सेवा शिविर संचालकों के लिए भी मेले का यह दौर काफी व्यस्तता वाला है।
रविवार को 70 हजार श्रद्धालुओं के रवाना होने से यह स्पष्ट है कि श्रावणी मेले में आस्था का उत्साह लगातार बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी कांवरियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।