सौरबाजार थाना क्षेत्र के सहुरिया पश्चिमी पंचायत में दर्दनाक हादसा: पानी की मोटर में तार जोड़ते समय करंट लगने से 30 वर्षीय युवक गणेश कुमार की मौत, परिवार में मचा कोहराम

सौरबाजार: बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सहुरिया पश्चिमी पंचायत से एक बेहद मर्माहत करने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ घरेलू लापरवाही और जरा सी असावधानी एक हँसते-खेलते परिवार के लिए वज्रपात बन गई। पानी की मोटर (Water Motor) में बिजली का तार जोड़ते समय अचानक प्रवाहित हुए तेज विद्युत करंट की चपेट में आने से लगभग 30 वर्षीय युवक गणेश कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। इस आकस्मिक और भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं मृतक के घर में कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

दुर्घटना की पूरी पृष्ठभूमि: कैसे हुआ यह हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक गणेश कुमार अपने घर पर किसी घरेलू कार्य के लिए पानी की मोटर चालू करने की कोशिश कर रहे थे। मोटर का तार ठीक से जुड़ा हुआ नहीं था या उसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी।

लापरवाही और तात्कालिक भूल: गणेश कुमार ने बिना मुख्य स्विच (Main Switch) को बंद किए ही मोटर के खुले तारों को आपस में जोड़ने का प्रयास किया। बिजली के नंगे तारों और प्रवाहित हो रहे हाई-वोल्टेज करंट का अंदाजा वे नहीं लगा पाए।

करंट की चपेट में आना: जैसे ही उन्होंने तारों को छुआ, तेज विद्युत प्रवाह ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। करंट इतना जोरदार था कि वे मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए और अहोई बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। जब तक परिवार के अन्य सदस्य कुछ समझ पाते और बिजली का मुख्य स्विच काटते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल ले जाने का प्रयास और डॉक्टरों की पुष्टि

घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों और आसपास के पड़ोसियों ने हिम्मत जुटाकर गणेश कुमार को किसी तरह करंट से अलग किया और आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सौरबाजार के नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।

डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया जाना: अस्पताल पहुँचने पर ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों ने उनकी स्थिति का जायजा लिया और जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही अत्यधिक विद्युत आघात (Electric Shock) के कारण उनकी सांसें थम चुकी थीं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: जैसे ही डॉक्टरों ने गणेश कुमार के निधन की आधिकारिक पुष्टि की, अस्पताल परिसर में मौजूद उनकी पत्नी, माता-पिता और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। रोते-बिलखते परिजनों का यह दर्दनाक मंजर देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सौरबाजार थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गई।

शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सहरसा भेज दिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।

यूडी केस (UD Case) दर्ज: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक दुर्घटना (Accidental Death) का मामला है। परिजनों के आवेदन और बयान के आधार पर थाने में यूडी केस दर्ज कर पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

सहुरिया पश्चिमी पंचायत में शोक की लहर

युवक गणेश कुमार की इस अचानक और असमय मौत से सहुरिया पश्चिमी पंचायत में मातम छा गया है।

गांव में सन्नाटा: घटना के बाद से मृतक के घर के चूल्हे नहीं जले हैं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और पड़ोसी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लगातार पहुँच रहे हैं।

सुरक्षा को लेकर चेतावनी: इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर से घरेलू उपकरणों और बिजली के काम करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को रेखांकित कर दिया है। थोड़ी सी भी लापरवाही किस प्रकार किसी की जान ले सकती है, यह इसका एक जीवंत और दुखद उदाहरण है।

सौरबाजार थाना क्षेत्र के सहुरिया पश्चिमी पंचायत में हुई गणेश कुमार की यह दुर्घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। बिजली जैसी शक्तिशाली और खतरनाक ऊर्जा के साथ काम करते समय हमेशा अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। इस कठिन समय में पूरा समाज और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। जरूरत इस बात की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिजली के उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।