गया जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए आरपीएफ की अनूठी पहल: महाबोधि एक्सप्रेस में सुरक्षित बोर्डिंग के लिए यात्रियों को कराया गया कतारबद्ध; भगदड़ और अव्यवस्था पर लगी लगाम
गया: बिहार के प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शुमार ऐतिहासिक गया जंक्शन (Gaya Junction) पर अक्सर ट्रेनों के आने के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिलता है। विशेष रूप से नई दिल्ली और हावड़ा जैसे प्रमुख गंतव्यों की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच मची धक्का-मुक्की कई बार गंभीर दुर्घटनाओं को न्योता दे देती है। इसी समस्या पर अंकुश लगाने और यात्रियों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। गया जंक्शन पर नई दिल्ली जाने वाली लोकप्रिय महाबोधि एक्सप्रेस (Mahabodhi Express) में यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित बोर्डिंग (Boarding) सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला और यात्रियों को कतारबद्ध (Queue) कराकर ट्रेन में सवार कराया। आरपीएफ की इस अनुशासित व्यवस्था से यात्रियों ने राहत की सांस ली और रेलवे प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
महाबोधि एक्सप्रेस और गया जंक्शन पर उमड़ने वाली भीड़ की हकीकत
गया जंक्शन से गुजरने वाली महाबोधि एक्सप्रेस यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय ट्रेन है, जो प्रतिदिन गया को देश की राजधानी नई दिल्ली से जोड़ती है।
यात्रियों का भारी दबाव: इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या हमेशा से अत्यधिक रही है। सामान्य दिनों से लेकर त्योहारी सीजन तक, जनरल कोच (General Coaches) से लेकर स्लीपर कोच तक में चढ़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो जाती है।
भगदड़ और जोखिम की स्थिति: ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही जब दर्जनों लोग एक साथ एक ही दरवाजे की ओर दौड़ते हैं, तो कई बार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के कुचलने या ट्रेन की पटरी पर गिरने का गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है। इसी संभावित खतरे को भांपते हुए आरपीएफ ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
आरपीएफ की मुस्तैदी: कतारबद्ध बोर्डिंग का सफल प्रयोग
गया जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने यात्रियों की इस भगदड़ को रोकने के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना लागू की।
प्लेटफॉर्म पर मोर्चा संभालते जवान: महाबोधि एक्सप्रेस के गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही आरपीएफ के इंस्पेक्टर और जवानों ने ट्रेन के सामान्य और स्लीपर डिब्बों के दरवाजों के पास मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने लाउडस्पीकर या मौखिक रूप से यात्रियों को समझा-बुझाकर और संयम बरतने का आग्रह कर धक्का-मुक्की करने से रोका।
अनुशासनबद्ध कतार (Queue System): आरपीएफ के जवानों ने यात्रियों को आपस में आगे निकलने की होड़ से रोकते हुए प्लेटफार्म पर ही व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध (Line) खड़ा किया। इसके बाद एक-एक करके यात्रियों को सुरक्षित रूप से ट्रेन के अंदर प्रवेश कराया गया। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को विशेष प्राथमिकता और सहायता दी गई।
यात्रियों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा का संदेश
आरपीएफ द्वारा उठाए गए इस अनुशासित कदम का परिणाम यह हुआ कि ट्रेन में चढ़ने के दौरान जरा भी अफरा-तफरी नहीं मची और सभी यात्री शांतिपूर्ण तरीके से अपनी सीटों पर पहुँच गए।
यात्रियों में संतुष्टि: कतारबद्ध होकर ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों ने आरपीएफ की इस कार्यशैली की जमकर सराहना की। यात्रियों का कहना था कि यदि हर रेलवे स्टेशन पर इस तरह की व्यवस्था लागू कर दी जाए, तो सफर करना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश: रेलवे सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से जहां एक तरफ प्लेटफॉर्म पर होने वाली संभावित दुर्घटनाएं टलीं, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों के सामान चोरी होने या छीनने जैसी वारदातों पर भी रोक लगी।
गया जंक्शन पर महाबोधि एक्सप्रेस में सुरक्षित बोर्डिंग के लिए आरपीएफ द्वारा यात्रियों को कतारबद्ध कराया जाना पुलिस और सुरक्षा बलों की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह पहल साबित करती है कि यदि थोड़ी सी सख्ती और सुव्यवस्थित योजना अपनाई जाए, तो भारी भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर भी अनुशासन कायम किया जा सकता है। आरपीएफ का यह सराहनीय कदम अन्य स्टेशनों के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत है, ताकि यात्री बिना किसी भय और जोखिम के अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँच सकें।