भागलपुर: नवागत जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय से मिली अदाणी पावर की टीम, लंबित जमीन अधिग्रहण और परियोजना की प्रगति पर हुई चर्चा

भागलपुर: जिले की कमान संभालने के बाद भागलपुर की नवागत जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय से शुक्रवार को अदाणी थर्मल पावर प्लांट के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक में अदाणी पावर प्रोजेक्ट की वर्तमान प्रगति, भू-अधिग्रहण में आ रही बाधाओं और सुरक्षा घेराबंदी (फेंसिंग) जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

परियोजना की प्रगति और प्रशासनिक समीक्षा

मुलाकात के दौरान अदाणी पावर के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को प्लांट के निर्माण कार्य के विभिन्न चरणों के बारे में अपडेट दिया। अधिकारियों ने बताया कि पावर प्लांट की स्थापना से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। हालाँकि, काम की गति को लेकर कुछ तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, जिनका समाधान जिला प्रशासन के सहयोग के बिना संभव नहीं है।

जमीन अधिग्रहण का मुद्दा: मुख्य चुनौती

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'जमीन अधिग्रहण' से संबंधित रहा। अदाणी पावर की ओर से जानकारी दी गई कि परियोजना के विस्तार के लिए कुछ मौजों (गांवों) में अभी भी जमीन अधिग्रहण का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इसके चलते प्लांट की घेराबंदी (फेंसिंग) और आवश्यक निर्माण कार्यों में देरी हो रही है।

जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे लंबित पड़े अधिग्रहण मामलों की सूची तैयार करें। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में बाधा डालने वाली भूमि संबंधी समस्याओं का निस्तारण नियमों के दायरे में रहकर जल्द से जल्द किया जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हो सके।

घेराबंदी और सुरक्षा के निर्देश

परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घेराबंदी को अनिवार्य बताया गया है। कंपनी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बिना स्पष्ट सीमांकन (Demarcation) और फेंसिंग के कार्यस्थल की सुरक्षा और प्रबंधन में दिक्कतें आ रही हैं। डीएम ने आश्वासन दिया कि प्रशासन सीमांकन की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा, ताकि कंपनी बिना किसी बाहरी व्यवधान के अपने निर्माण कार्य को आगे बढ़ा सके।

औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम

जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर में अदाणी थर्मल पावर जैसे बड़े निवेश से स्थानीय स्तर पर न केवल बिजली की आपूर्ति सुधरेगी, बल्कि हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय लोगों की समस्याओं का ध्यान रखें और उनके पुनर्वास व मुआवजे की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतें।

अदाणी पावर के अधिकारियों ने इस मुलाकात को काफी सकारात्मक बताया है। जिला प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जमीन अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया में तेजी आएगी। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय की यह सक्रियता दर्शाती है कि जिला प्रशासन बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने और भागलपुर को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के प्रति बेहद गंभीर है।