पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने जहांगीरा के पास किया सड़क जाम, ढाई घंटे ठप रहा परिचालन

सुल्तानगंज (भागलपुर): भागलपुर जिले के सुल्तानगंज अंतर्गत एनएच-80 पर रविवार का दिन यात्रियों के लिए बेहद कष्टकारी साबित हुआ। जहांगीरा के पास स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर पेयजल संकट के विरोध में सड़क जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लगभग ढाई घंटे तक चले इस हंगामे के कारण यातायात पूरी तरह ठप रहा और सैकड़ों यात्री भीषण गर्मी में सड़क पर फंसे रहे।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, जहांगीरा गांव के निवासी पिछले कई दिनों से भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में नल-जल योजना और अन्य जल स्रोतों के फेल हो जाने के बाद भी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार सुबह एनएच-80 को जाम कर अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया।

ढाई घंटे तक जूझते रहे यात्री

जाम की सूचना मिलते ही एनएच-80 के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुल्तानगंज से मुंगेर और भागलपुर जाने वाले यात्री बीच सड़क पर ही फंसे रहे। जाम में फंसे लोगों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जिन्हें चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के फंसने से स्थिति और भी गंभीर हो गई थी। सड़क पर वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि आसपास की लिंक सड़कों पर भी यातायात का भारी दबाव बन गया।

प्रशासन की पहल के बाद खुला रास्ता

जाम की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था, और वे किसी भी अधिकारी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक जलापूर्ति बहाल करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता और मौके पर टैंकर की व्यवस्था नहीं की जाती, वे सड़क से नहीं हटेंगे।

अंततः, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वार्ता की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगले 24 घंटों के भीतर तकनीकी खराबी को दूर कर जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके करीब ढाई घंटे बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो पाया।

ग्रामीणों की चेतावनी

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन का आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहा, तो वे आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

यातायात व्यवस्था पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब एनएच-80 पर इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल परियोजना के कार्य और श्रावणी मेला की तैयारियों के बीच सड़क पर पहले ही वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन पूरे यातायात तंत्र को चरमरा देता है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।