डीएवी पब्लिक स्कूल, बरारी में 'छात्र संवाद' कार्यक्रम का आयोजन; पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प

भागलपुर: बरारी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में हाल ही में एक विशेष 'छात्र संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से जागरूक करना था, बल्कि उन्हें सामाजिक सरोकारों, विशेषकर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पर्यावरण संरक्षण: 'पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ' का संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्रों को प्रकृति के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि और वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक विद्यार्थी का यह कर्तव्य है कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं।

संवाद के दौरान 'पेड़ बचाओ' अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने की बात कही गई। छात्रों से अपील की गई कि वे केवल स्कूल में ही नहीं, बल्कि अपने घरों के पास भी कम से कम एक पौधा लगाएं और उसे एक मित्र की तरह संरक्षित करें। विशेषज्ञों ने समझाया कि कैसे पेड़ न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को संतुलित रखने में भी अनिवार्य भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका

संवाद सत्र में 'राष्ट्र निर्माण' विषय पर भी गहन चर्चा हुई। छात्रों को बताया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका केवल अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति उनका योगदान उन्हें एक बेहतर इंसान बनाता है। वक्ताओं ने संविधान के नियमों का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने और राष्ट्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

संवाद और जिज्ञासा का संगम

इस सत्र की सबसे बड़ी विशेषता छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने न केवल वक्ताओं को सुना, बल्कि पर्यावरण और करियर से जुड़े अपने कई सवालों के जवाब भी मांगे।

अनुशासन का महत्व: चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर अभ्यास और समय प्रबंधन (Time Management) है।

सामाजिक जिम्मेदारी: छात्रों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने स्तर पर छोटी-छोटी कोशिशें करें, जैसे कि बिजली की बचत करना, पानी बर्बाद न करना और प्लास्टिक का उपयोग बंद करना।

विद्यालय प्रबंधन की पहल

विद्यालय के प्राचार्य और प्रबंधन की ओर से इस तरह के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र के दौरान इस प्रकार की गोष्ठियां छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम के अंत में यह शपथ ली कि वे पर्यावरण को स्वच्छ रखने और राष्ट्र की उन्नति में अपना हर संभव योगदान देंगे।

इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों में ऊर्जा का संचार किया, बल्कि उन्हें एक जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित किया। डीएवी बरारी में आयोजित यह संवाद सत्र भविष्य में छात्रों के लिए एक पथ-प्रदर्शक साबित होगा।