मुजफ्फरपुर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति को लेकर पार्षदों में भिड़ंत
जमुफ्फरपुर नगर निगम की बोर्ड बैठक में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्ट्रीट लाइट लगाने के मुद्दे पर पार्षदों के दो गुट आपस में भिड़ गए। तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण करीब 45 मिनट तक बैठक की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही।
विवाद की जड़: बैठक के दौरान स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया और उसके टेंडर को लेकर दो गुटों के बीच मतभेद उभर कर सामने आए। बहस इतनी बढ़ गई कि सदन में गहमागहमी का माहौल हो गया।
बैठक की स्थिति: भारी हंगामे और शोर-शराबे के बावजूद, बैठक कुल 122 मिनट तक चली। इसमें से लगभग 45 मिनट का समय केवल हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ गया, जिसके कारण निगम के महत्वपूर्ण नीतिगत कार्यों पर चर्चा नहीं हो सकी।
पार्षद कन्हैया गुप्ता का विरोध: बैठक के दौरान ही वार्ड पार्षद कन्हैया गुप्ता ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सदन के भीतर ही धरना देना शुरू कर दिया।
मांग: उनका मुख्य मुद्दा शहर में जलापूर्ति (Water Supply) के लिए बिछाई गई पाइपलाइनों को निर्माण कार्यों के दौरान हुई क्षति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही के कारण पाइपलाइनें टूटी हैं, जिससे लोगों को पेयजल की समस्या हो रही है।
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| कुल बैठक अवधि | 122 मिनट |
| हंगामे में बर्बाद समय | 45 मिनट |
| मुख्य विवाद | स्ट्रीट लाइट का मुद्दा (पार्षदों के दो गुटों में झड़प) |
| विशेष प्रदर्शन | पार्षद कन्हैया गुप्ता द्वारा धरना (जलापूर्ति पाइप क्षति का मुद्दा) |
नगर निगम की यह बैठक विकास कार्यों पर चर्चा के बजाय राजनीतिक खींचतान का केंद्र बन गई। पार्षदों के इस व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं कि कैसे आपसी विवाद के कारण शहर की बुनियादी समस्याओं (जैसे पानी और रोशनी) का समाधान ठंडे बस्ते में जा रहा है।