श्रावणी मेले के मद्देनजर सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की बड़ी तैयारी; सीनियर डीएमई केके दास ने किया औचक निरीक्षण, कांवरियों की सुविधाओं और ट्रेनों के परिचालन पर दिया विशेष जोर

सुल्तानगंज/भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान उत्तर बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले प्रमुख धार्मिक केंद्र सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मेले में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और उनकी सुरक्षा-सुविधाओं को पुख्ता करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को पूर्व रेलवे के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (सीनियर डीएमई) केके दास ने सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, फुट ओवर ब्रिज और कांवरिया विश्राम क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान किन बिंदुओं पर रहा फोकस?

सीनियर डीएमई केके दास का यह दौरा श्रावणी मेले के मद्देनजर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है:

प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया का जायजा: निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया, जहां कांवरियों का भारी रेला उमड़ता है। उन्होंने निर्देश दिया कि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और प्रवेश-निकास द्वारों की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए ताकि भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था: कांवरियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए सीनियर डीएमई ने प्लेटफॉर्म पर पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की साफ-सफाई और डस्टबिन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्टेशन मास्टर को निर्देश दिया कि कांवरिया मार्ग से जुड़े इस महत्वपूर्ण जंक्शन पर साफ-सफाई 24 घंटे सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

कांवरियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा पर विशेष जोर

निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीनियर डीएमई केके दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांवरियों की सेवा और सुरक्षा रेलवे की पहली प्राथमिकता है:

भीड़ नियंत्रण और आरपीएफ की तैनाती: उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लेटफॉर्म और पटरियों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए। कांवरियों को चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से रोकने के लिए लगातार माइकिंग कराई जाए।

अतिरिक्त ट्रेनों और फेरों की समीक्षा: मेले के दौरान यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए सुल्तानगंज से गुजरने वाली और यहां ठहरने वाली एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों के सुचारू परिचालन पर चर्चा की गई। आवश्यकतानुसार स्पेशल ट्रेनें चलाने और उनके ठहराव को लेकर भी रूपरेखा पर विचार किया गया।

स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के बीच समन्वय

निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में स्थानीय रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों में हड़कंप और तत्परता दोनों देखने को मिली:

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश: सीनियर डीएमई ने स्टेशन परिसर में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को चेताया कि मेला अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टिकटिंग काउंटर पर लंबी कतारों से निपटने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलने और ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीनों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

यात्री शेड और विश्राम गृह की व्यवस्था: कांवरियों के ठहरने के लिए बनाए गए विशेष यात्री शेड का भी निरीक्षण किया गया, जहां पंखे, रोशनी और बैठने की व्यवस्था को परखा गया।

सीनियर डीएमई केके दास द्वारा सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का किया गया यह निरीक्षण इस बात का प्रतीक है कि रेलवे प्रशासन श्रावणी मेले के दौरान किसी भी तरह की व्यवस्थागत चूक नहीं चाहता है। सुल्तानगंज से बाबा धाम जाने वाले लाखों शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और आरामदायक हो, इसके लिए रेलवे लगातार जमीनी स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने में जुटा हुआ है। इस औचक निरीक्षण से स्टेशन की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीदें और अधिक బలवती हो गई हैं।