नए मोकामा रेल पुल पर परिचालन की तैयारी तेज, 21 सितंबर से शुरू होगा नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य; कई ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव

पटना। बिहार के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। गंगा नदी पर बने नए मोकामा रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने की दिशा में रेलवे ने अंतिम चरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर से नॉन-इंटरलॉकिंग (Non-Interlocking-NI) कार्य शुरू किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी बदलाव करने का निर्णय लिया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एनआई कार्य के दौरान कुछ ट्रेनों को गया जंक्शन के रास्ते चलाया जाएगा, जबकि कई ट्रेनों का मार्ग बदलकर किउल, शेखपुरा, बिहारशरीफ और बख्तियारपुर होकर निर्धारित किया गया है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे लगातार विभिन्न माध्यमों से जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

क्या है नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य?

रेलवे में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किसी भी नई रेल लाइन, पुल, स्टेशन या सिग्नल प्रणाली को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने की महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया होती है। इस दौरान सिग्नल, ट्रैक, पॉइंट्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का परीक्षण और समन्वय किया जाता है ताकि भविष्य में ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रूप से हो सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्रिया नए मोकामा रेल पुल से नियमित ट्रेन परिचालन शुरू करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क की क्षमता और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

नए मोकामा रेल पुल का महत्व

मोकामा में गंगा नदी पर निर्मित नया रेल पुल बिहार की सबसे महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को और अधिक मजबूत करेगा।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नए पुल के चालू होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी, परिचालन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालना आसान होगा। इसके अलावा, मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों को इसका लाभ मिलेगा।

अलग-अलग तिथियों पर बदलेगा ट्रेनों का मार्ग

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण विभिन्न तिथियों पर कई ट्रेनों का परिचालन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा।

रेलवे ने पहले ही संबंधित सभी ट्रेनों की सूची और उनके वैकल्पिक मार्ग जारी कर दिए हैं ताकि यात्री अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बना सकें।

20 सितंबर को इन ट्रेनों का बदलेगा मार्ग

रेलवे के अनुसार 20 सितंबर को चलने वाली दिल्ली–कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल (15657) तथा कामाख्या–दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल (15658) को ग्रैंड कॉर्ड, किउल और गया जंक्शन होकर संचालित किया जाएगा।

21 सितंबर को कई प्रमुख ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

21 सितंबर को हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस (12303) अपने नियमित मार्ग के बजाय किउल–शेखपुरा–बिहारशरीफ–बख्तियारपुर मार्ग से चलेगी।

इसी दिन ब्रह्मपुत्र मेल (15657/15658) दोनों दिशाओं में ग्रैंड कॉर्ड–गया–किउल मार्ग से संचालित होगी। इसके अलावा आनंद विहार टर्मिनल–भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस (22406) का भी संचालन इसी परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा।

22 से 24 सितंबर तक रहेगा बदलाव

रेलवे के अनुसार 22 सितंबर से 24 सितंबर तक ब्रह्मपुत्र मेल (15657/15658) दोनों दिशाओं में ग्रैंड कॉर्ड–गया–किउल मार्ग से ही चलेगी।

वहीं 23 सितंबर को कोलकाता–अमृतसर अकाल तख्त एक्सप्रेस (12317) को किउल–शेखपुरा–बिहारशरीफ–बख्तियारपुर मार्ग से चलाया जाएगा।

25 और 26 सितंबर को भी रहेगा असर

25 सितंबर को हावड़ा–नई दिल्ली एक्सप्रेस (12273) को किउल–गया–ग्रैंड कॉर्ड मार्ग से संचालित किया जाएगा।

उसी दिन हटिया–पटना एक्सप्रेस (18622) का संचालन किउल–शेखपुरा–बिहारशरीफ–बख्तियारपुर होकर किया जाएगा।

26 सितंबर को पूर्वा एक्सप्रेस (12303) पुनः परिवर्तित मार्ग किउल–शेखपुरा–बिहारशरीफ–बख्तियारपुर से चलेगी। वहीं ब्रह्मपुत्र मेल (15657/15658) का परिचालन ग्रैंड कॉर्ड–गया–किउल मार्ग से किया जाएगा।

यात्रियों को लगातार दी जा रही सूचना

रेल प्रशासन ने बताया कि सभी प्रभावित ट्रेनों की जानकारी रेलवे के पूछताछ कार्यालय, आरक्षण केंद्र, आधिकारिक मोबाइल एप तथा अन्य सूचना माध्यमों से लगातार यात्रियों तक पहुंचाई जा रही है।

यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति, समय और मार्ग की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

रेलवे ने की विशेष अपील

रेल प्रशासन ने कहा है कि नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूरी तरह तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य नए मोकामा रेल पुल को सुरक्षित तरीके से रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है।

रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अस्थायी बदलाव केवल निर्धारित अवधि के लिए हैं और कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।

क्षेत्रीय रेल संपर्क को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि नए मोकामा रेल पुल के चालू होने के बाद बिहार के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बेहतर होगा, माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में भी सुविधा होगी।

यह परियोजना राज्य के आर्थिक विकास, व्यापार और यात्रियों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नए मोकामा रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की दिशा में 21 सितंबर से शुरू होने वाला नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किए गए हैं ताकि तकनीकी कार्य सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य जांच लें। एनआई कार्य पूरा होने के बाद नए मोकामा रेल पुल से नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बिहार के रेल नेटवर्क को नई गति और मजबूती मिलेगी।