इशाकचक के बौंसी पुल के समीप निर्माणाधीन आरओबी परियोजना पर प्रशासनिक मुहर; 125.85 करोड़ की लागत से बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने की कवायद शुरू, दिसंबर 2027 तक पूरा करने का है लक्ष्य

भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर के शहरी और दक्षिणी इलाकों की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने वाले एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी प्रशासनिक अपडेट सामने आई है। इशाकचक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर स्थित बौंसी रेल पुल संख्या-2 (Bounsi Rail Bridge No. 2) के समीप बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण कार्य को अब औपचारिक रूप से प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि इस परियोजना पर जमीन पर काम पिछले साल जून 2025 से ही चल रहा था, लेकिन अब पथ निर्माण विभाग द्वारा 125 करोड़ 85 लाख 86 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि की औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी जारी कर दी गई है। इस बहुपरियोजना के मूर्त रूप लेने से शहरवासियों को भीषण ट्रैफिक जाम और जलजमाव की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या है इस पूरी परियोजना का स्वरूप और पृष्ठभूमि?

भागलपुर शहर के दक्षिणी हिस्से और मुख्य शहर को बाईपास से जोड़ने के लिए यह आरओबी एक लाइफलाइन साबित होने जा रहा है:

लागत और टेंडर प्रक्रिया: शुरुआत में इस परियोजना की प्राक्कलित राशि अधिक थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया के दौरान कम दरों पर काम मिलने के बाद इसे लगभग 67 से 125 करोड़ रुपए के दायरे में आगे बढ़ाया गया। इसके तहत मुख्य रेलवे पुल के ऊपर ओवरब्रिज के साथ-साथ दोनों तरफ के एप्रोच रोड का निर्माण भी शामिल है।

तकनीकी मंजूरियां और रेलवे का सहयोग: इस परियोजना के तकनीकी पहलुओं को हरी झंडी देते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर (CBE) द्वारा पहले ही 'बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन' (Bearing Force Calculation) को मंजूरी दी जा चुकी है। रेलवे ब्रिज पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान पड़ने वाले दबाव और संरचनात्मक सुरक्षा को परखने के बाद यह क्लीयरेंस दी गई है, जिससे निर्माण कार्य के मानकों पर मुहर लग गई है।

वर्तमान में निर्माण कार्य की जमीनी स्थिति और चुनौतियां

भले ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को गति देने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हों, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की रफ्तार को लेकर कुछ चुनौतियां भी बरकरार हैं:

तय समय-सीमा और डेडलाइन: इस आरओबी परियोजना की कुल समयावधि ढाई साल (यानी 30 महीने) तय की गई थी। औपचारिक शुरुआत 17 जून 2025 को मानी गई थी और इसे 16 दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

फाउंडेशन और पिलर निर्माण की गति: प्रशासनिक स्वीकृति मिलने में हुई शुरुआती देरी और कुछ स्थानों पर तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण की प्रगति धीमी रही है। अब तक फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर (पिलर निर्माण) का काम ही एक निश्चित प्रतिशत तक पहुंच पाया है, जिसे अब और अधिक तीव्र गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

भूमि अधिग्रहण और स्थानीय बाधाएं: मिरजानहाट और इशाकचक से जुड़े कुछ हिस्सों में भू-अर्जन (Land Acquisition) और यूटिलिटी शिफ्टिंग की वजह से बीच-बीच में काम प्रभावित हुआ है। हालांकि, जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी आपसी समन्वय के साथ इन बाधाओं को दूर करने में जुटे हैं ताकि तय डेडलाइन से पहले काम निपटाया जा सके।

आरओबी के बन जाने से शहर को मिलने वाले लाभ

इस रेल ओवरब्रिज के निर्माण से भागलपुर की परिवहन व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा:

जाम और जलजमाव से मुक्ति: वर्तमान में बौंसी अंडरपास या समपार फाटकों के पास बारिश के दिनों में भारी जलजमाव हो जाता है, जिससे यातायात ठप पड़ जाता है। आरओबी बन जाने से वाहन ऊपर से ही सरपट निकल जाएंगे, जिससे कचहरी चौक से लेकर सीधे बाइपास तक की कनेक्टिविटी सुगम हो जाएगी।

रोजाना हजारों वाहनों को राहत: अनुमान के मुताबिक, इस मार्ग से रोजाना 10,000 से अधिक छोटे-बड़े व्यावसायिक और निजी वाहन गुजरते हैं। इसके तैयार होने से गोराडीह, बौंसी और झारखंड की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का सफर काफी आसान और कम समय का हो जाएगा।

भोलानाथ फ्लाइओवर से जुड़ाव: यह परियोजना शहर के अन्य प्रमुख ट्रैफिक सुधार प्रोजेक्ट्स जैसे भोलानाथ फ्लाइओवर से भी जुड़ी है, जिससे पूरे दक्षिणी क्षेत्र का यातायात नेटवर्क आपस में एक मजबूत ग्रिड के रूप में जुड़ जाएगा।

इशाकचक के बौंसी पुल के समीप निर्माणाधीन आरओबी भागलपुर के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचा (Infrastructure) का एक अहम मील का पत्थर है। प्रशासनिक स्वीकृति और रेलवे की तकनीकी हरी झंडी मिलने के बाद अब निर्माण एजेंसी पर काम में तेजी लाने का भारी दबाव है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार चला, तो दिसंबर 2027 तक भागलपुरवासियों को जाम के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और शहर की ट्रैफिक रफ्तार एक नए कैमरे पर दौड़ती नजर आएगी।