स्नातक नामांकन सत्र 2026-30 की प्रक्रिया तेज; चूके तो दूसरी लिस्ट में नो चांस!
डेडलाइन एक्सटेंशन: सर्वर डाउन और भारी भीड़ को देखते हुए विश्वविद्यालय ने बढ़ाई फर्स्ट मेरिट लिस्ट के दाखिले की तारीख।
कड़ी चेतावनी: पहली लिस्ट में नाम आने के बाद भी अगर नहीं लिया एडमिशन, तो पूरे सत्र की रेस से हो जाएंगे बाहर!
फर्जीवाड़े पर फुल स्टॉप: मार्कशीट और रिजर्वेशन कैटेगरी में 1% का भी झोल मिला, तो तुरंत रद्द होगा नामांकन।
ग्राउंड रियलिटी: सीमांचल के 35 से अधिक कॉलेजों में सीटों के लिए 'महायुद्ध'
पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख जिलों— पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक (UG) चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) सत्र 2026-30 के पहले सेमेस्टर के लिए घमासान मचा हुआ है। सुबह होते ही कॉलेजों के काउंटरों पर छात्रों की लंबी कतारें लग रही हैं। इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और जूलॉजी जैसे 'हॉट केक' विषयों के लिए मारामारी का आलम यह है कि एक-एक सीट पर दर्जनों दावेदार कतार में हैं।
डीएसडब्ल्यू और प्राचार्यों का कड़ा अल्टीमेटम: "एडमिशन लो, वरना पछताओगे!"
विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग (DSW) और प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों ने उन छात्रों को अंतिम और सख्त चेतावनी दी है जो पहली मेधा सूची (First Merit List) में नाम आने के बाद भी 'सोच-विचार' में वक्त गंवा रहे हैं।
नियम समझ लीजिए बॉस! > अगर आपका नाम पहली लिस्ट में किसी कॉलेज के लिए अलॉट हो चुका है, तो आपको तय तारीख के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस सबमिशन कराना ही होगा। अगर आप इस मौके को छोड़ते हैं, तो विश्वविद्यालय की सेकंड या थर्ड मेरिट लिस्ट में आपका नाम दोबारा नहीं आएगा। यानी सीधे 'गेम ओवर'।
एडमिशन के 3 'कड़क नियम' जो हर स्टूडेंट को पता होने चाहिए
1% की गड़बड़ी और एडमिशन कैंसिल!
कई बार छात्र साइबर कैफे से फॉर्म भरवाते समय ज्यादा नंबर डाल देते हैं ताकि पहली लिस्ट में नाम आ जाए। इस बार कॉलेजों को सख्त निर्देश हैं— अगर ऑनलाइन फॉर्म के नंबर और ओरिजिनल मार्कशीट के नंबरों में रत्ती भर भी अंतर मिला, तो एडमिशन तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
'टाई-ब्रेकर' का नया फॉर्मूला
अगर दो छात्रों के इंटर (12वीं) में बिल्कुल बराबर नंबर हैं और सीट एक ही बची है, तो विश्वविद्यालय 'टाई-ब्रेकर रूल' लगाएगा:
पहले 10वीं (मैट्रिक) के नंबर देखे जाएंगे, जिसके ज्यादा होंगे सीट उसकी।
अगर वहां भी मुकाबला टाई रहा, तो उम्र (Date of Birth) देखी जाएगी; बड़े अभ्यर्थी को मौका मिलेगा।
इंटरनेट मार्कशीट का 'अटेस्टेड' होना जरूरी
जिन छात्रों को अभी तक अपने बोर्ड से ओरिजिनल मार्कशीट नहीं मिली है, वे डिजिलॉकर या इंटरनेट वाली वेब कॉपी ला रहे हैं। लेकिन ध्यान रहे, उस कॉपी पर आपके स्कूल या कॉलेज के प्रिंसिपल के दस्तखत और मुहर (Attestation) होना अनिवार्य है।
फंस गया पेमेंट? विषय चुनने में है दिक्कत? यहां मिलेगी मदद!
चूंकि पूरी प्रक्रिया केंद्रीयकृत 'समर्थ पोर्टल' के जरिए हो रही है, ग्रामीण इलाकों के छात्रों को ऑनलाइन पेमेंट फंसने या मेजर/माइनर विषय चुनने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय ने स्पेशल हेल्पडेस्क एक्टिव कर दी है। छात्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच helpdeskadmission@purneau.ac.in पर अपनी समस्या भेजकर समाधान पा सकते हैं।
पूर्णिया विश्वविद्यालय का लक्ष्य जून के अंत या जुलाई के पहले हफ्ते तक एडमिशन का झंझट खत्म करना है, ताकि जुलाई-अगस्त 2026 से नए सत्र की कड़क पढ़ाई और क्लासेस समय पर शुरू हो सकें। इसलिए कागजात समेटिए, अलॉटेड कॉलेज पहुंचिए और अपना दाखिला पक्का कराइए, क्योंकि रेस में सीटें बहुत कम हैं और दावेदार हजारों!