दरभंगा के चंदनपट्टी गंगवारा में दर्दनाक हादसा: घर के बागीचे में फूल तोड़ रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिंदा देवी की सर्पदंश से मौत; अस्पताल ले जाने के दौरान हुआ निधन, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में मानसून व बदलते मौसम के बीच सर्पदंश (Snakebite) की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में दरभंगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदनपट्टी गंगवारा (Chandanpatti Gangwara) इलाके से एक बेहद दुखद और मर्माहत करने वाली खबर सामने आ रही है। घर के पास ही स्थित अपने निजी बागीचे में सुबह-सवेरे पूजा-पाठ के लिए फूल तोड़ने गई 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिंदा देवी को एक जहरीले सांप ने डंस लिया। इस अचानक हुई दुर्घटना से बुजुर्ग महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें बचाने के लिए अस्पताल की तरफ दौड़ लगाई। हालांकि, डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और अस्पताल पहुंचते ही या चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस आकस्मिक और हृदयविदारक घटना के बाद पूरे परिवार और गांव में मातम पसर गया है, वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना का विवरण: कैसे घटी यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना?
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, चंदनपट्टी गंगवारा निवासी बिंदा देवी उम्र के इस पड़ाव पर भी अपनी पारिवारिक और धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी हुई थीं। घटना वाले दिन सुबह के वक्त वे अपने घर के समीप बने बागीचे में साफ-सफाई और भगवान की पूजा के लिए फूल तोड़ने गई थीं।
अचानक हुआ जहरीले सांप का हमला: बागीचे में सघन हरियाली, झाड़ियों या पत्तों के बीच छिपे बैठे किसी जहरीले सांप पर उनका पैर पड़ गया या हाथ चला गया, जिससे बचाव का मौका मिले बिना ही सांप ने उन्हें डंस लिया। सांप के डंसते ही बुजुर्ग महिला ने दर्द और घबराहट महसूस की और तुरंत परिजनों को इसकी जानकारी दी।
स्थिति का बिगड़ना: जब परिजनों ने मौके पर जाकर देखा तो उनके पैरों या हाथों पर सांप के काटने के स्पष्ट निशान नजर आए। कुछ ही पलों में जहर पूरे शरीर में फैलने लगा, जिससे बिंदा देवी की स्थिति तेजी से गंभीर होने लगी।
अस्पताल ले जाने की जद्दोजहद और डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया जाना
घटना के बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। वृद्ध महिला की बिगड़ती हालत को देखकर बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत वाहन की व्यवस्था कर नजदीकी अस्पताल या दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के लिए रवाना किया गया।
अस्पताल में मातम: रास्ते भर परिजनों द्वारा उन्हें होश में रखने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन जहर का असर इतना तीव्र था कि अस्पताल पहुंचने तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। आपातकालीन वार्ड में मौजूद चिकित्सकों ने जब उनकी जांच की, तो उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में छाया कोहराम: जैसे ही डॉक्टरों ने बिंदा देवी की मौत की पुष्टि की, अस्पताल परिसर में मौजूद उनके बेटे-बेटियों और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। दीपावली, छठ या अन्य त्योहारों के बीच घर की एक बुजुर्ग सदस्या के इस तरह अचानक बिछड़ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और मृतक महिला के घर तथा अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
शव को कब्जे में लेना: पुलिस ने परिजनों और स्थानीय लोगों से पूरी घटना की जानकारी ली और कानूनी प्रावधानों के तहत पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता: स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में गर्मियों और बरसात के मौसम में अक्सर विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को झाड़ियों और बागीचे में जाते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
दरभंगा के चंदनपट्टी गंगवारा में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिंदा देवी की सर्पदंश से हुई इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के बीच जीवन जीते समय जरा सी असावधानी कितनी भारी पड़ सकती है। फूल तोड़ने जैसी साधारण सी दिनचर्या के दौरान हुआ यह हादसा पूरे समाज को झकझोर गया है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन इस दुखद घटना ने मृतका के परिवार को जीवनभर न भूलने वाला गहरा जख्म दे दिया है।