मुंगेर जिले में मानसून की झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे: 5 अगस्त तक धान रोपाई का 77.38 प्रतिशत लक्ष्य हुआ पूरा
मुंगेर: बिहार के कृषि प्रधान जिलों में शुमार मुंगेर से किसानों के लिए एक बेहद राहतभरी और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। इस साल मानसून की समय पर हुई और संतोषजनक बारिश ने जिले के अन्नदाताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। कृषि विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, चालू खरीफ सीजन में 5 अगस्त तक धान की रोपाई का कुल 77.38 प्रतिशत लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में बारिश का लाभ उठाते हुए किसानों ने युद्ध स्तर पर खेतों में धान की रोपनी की है। इस बार मानसून की कृपा से न केवल धान की खेती को गति मिली है, बल्कि अन्य प्रमुख फसलें जैसे मक्का (Maize) और अरहर (Pigeon Pea) की खेती भी अपने निर्धारित लक्ष्य के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है। जिला कृषि प्रशासन और किसानों के समन्वित प्रयासों से कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।
मानसून की मेहरबानी और कृषि विभाग के आंकड़े
किसी भी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मानसून की बारिश जीवनदायिनी मानी जाती है। मुंगेर जिले में इस वर्ष शुरुआती दौर में कुछ समय के लिए भले ही बारिश को लेकर असमंजस की स्थिति रही हो, लेकिन जुलाई और अगस्त के शुरुआती हफ्तों में हुई मूसलाधार बारिश ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी।
धान रोपाई की प्रगति: कृषि विभाग द्वारा निर्धारित कुल लक्ष्य के विरुद्ध 5 अगस्त तक 77.38 प्रतिशत भूमि पर धान की रोपनी का कार्य संपन्न हो चुका है। कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह रुक-रुक कर बारिश होती रही, तो धान रोपाई का शत-प्रतिशत लक्ष्य बहुत जल्द हासिल कर लिया जाएगा।
समय पर बिछड़ा और रोपाई: किसानों ने समय पर नर्सरी (बिछड़ा) तैयार कर ली थी, जिससे जैसे ही बादलों ने पानी बरसाया, किसानों ने बिना एक पल गंवाए खेतों में उतरकर धान की रोपाई शुरू कर दी।
हवेली खड़गपुर प्रखंड ने मारी बाजी: सबसे अधिक 84.52 प्रतिशत रोपाई
मुंगेर जिले के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रखंडों में धान रोपाई की रफ्तार अलग-अलग रही है, लेकिन हवेली खड़गपुर (Haveli Kharagpur) अंचल ने इस मामले में पूरे जिले में बाजी मार ली है।
खड़गपुर में बंपर रोपाई: आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हवेली खड़गपुर प्रखंड में सबसे अधिक 84.52 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य पूरा हो चुका है। इस क्षेत्र में सिंचाई के प्राकृतिक स्रोतों और बेहतर जलधारण क्षमता के कारण किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
अन्य प्रखंडों का हाल: हवेली खड़गपुर के अलावा धरहरा, संग्रामपुर, असरगंज, तारापुर, मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंडों में भी धान की रोपनी का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकांश प्रखंडों में रोपाई का आंकड़ा 70 से 80 प्रतिशत के बीच पहुंच चुका है, जिससे कृषि विभाग के अधिकारी भी काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
मक्का और अरहर की फसलें भी लक्ष्य के करीब
मुंगेर में केवल धान ही नहीं, बल्कि अन्य खरीफ फसलें भी इस बार बंपर पैदावार की ओर अग्रसर हैं। मौसम की अनुकूलता के कारण किसानों ने विविधीकृत खेती पर भी जोर दिया है।
मक्का की खेती की स्थिति: खरीफ मक्का की खेती के लिए निर्धारित लक्ष्य के करीब किसान पहुंच चुके हैं। कम लागत और बेहतर मुनाफे के कारण किसानों का रुझान मक्का की खेती की तरफ तेजी से बढ़ा है। उचित जल निकासी वाले खेतों में मक्का की फसल बहुत ही बेहतरीन स्थिति में है।
अरहर की फसल की प्रगति: दालों की श्रेणी में आने वाली अरहर की फसल भी अपने निर्धारित लक्ष्य के बेहद करीब है। दलहन की खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, और इस बार किसानों ने समय पर अरहर की बुआई कर दी है, जिससे पौधों का विकास बहुत ही स्वस्थ तरीके से हो रहा है।
किसानों की प्रतिक्रिया और चुनौतियां
मानसून की इस अच्छी बारिश और खेतों में लहलहाती फसलों को देखकर किसानों में एक नई उम्मीद जगी है, हालांकि कुछ छोटी-मोटी परेशानियां अब भी बनी हुई हैं।
किसानों की खुशी: किसानों का कहना है कि यदि सरकार की तरफ से समय पर खाद (यूरिया और डीएपी) और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होती रहे, तो इस बार पैदावार पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ सकती है। खेतों में पानी जमा होने से धान के पौधे तेजी से पनप रहे हैं।
कीट-व्याधि से सुरक्षा की सलाह: कृषि विज्ञान केंद्र और जिला कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में नमी अधिक है, इसलिए किसान अपनी फसलों पर नजर रखें और कीट-व्याधियों (Pests and Diseases) के हमले से बचाने के लिए कृषि सलाहकारों से संपर्क कर समय पर उचित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
मुंगेर जिले में 5 अगस्त तक धान रोपाई का 77.38 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होना और हवेली खड़गपुर में 84.52 प्रतिशत तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि इस वर्ष मुंगेर का कृषि आंचल समृद्ध होने की राह पर है। मक्का और अरहर जैसी फसलों के भी लक्ष्य के करीब पहुंच जाने से जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल मिलेगा। यदि मौसम का मिजाज आगे भी ऐसा ही अनुकूल बना रहा, तो मुंगेर के अन्नदाताओं के लिए यह साल बेहद फलदायी और खुशहाली भरा साबित होगा।