तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर साधा निशाना, कहा- 'आम आदमी की थाली से गायब हो रही दाल-रोटी'

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है और जनता महंगाई की मार झेलने को मजबूर है।

महंगाई पर तेजस्वी का तीखा हमला

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी की बुनियादी जरूरतें—जैसे सब्जी, सरसों तेल, आटा और दाल—के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय अपनी दुनिया में मस्त है।

राजद नेता ने अपने बयान में कहा:

"महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। थाली से दाल-रोटी गायब हो रही है, लेकिन एनडीए के नेता सिर्फ लूट-खसोट और अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं। इन्हें जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।"

जनता की थाली पर संकट

तेजस्वी यादव ने महंगाई के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। उनके अनुसार:

सब्जियों के दाम: बेतहाशा बढ़ोतरी ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।

तेल-दाल-आटा: इन आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।

प्रशासनिक विफलता: उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

'लूट में व्यस्त' होने का आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश की जनता महंगाई से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता में बैठे लोग विकास की झूठी बातें कर रहे हैं और लूट में शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल नियंत्रण के उपाय नहीं किए, तो जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी।

तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के साथ सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विपक्षी दल के रूप में राजद लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, और यह महंगाई का मुद्दा आगामी राजनीतिक विमर्श में एक केंद्रीय बिंदु बनने की ओर अग्रसर है।

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन तेजस्वी यादव के इस हमले ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर से बहस छेड़ दी है।