खाद्य तेल गोदाम में लगी आग पर 24 घंटे बाद पाया काबू, लाखों की संपत्ति राख
राजधानी पटना के दीदारगंज थाना क्षेत्र स्थित महुली रोड पर स्थित एक बड़े खाद्य तेल (Edible Oil) के गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। रविवार देर रात शुरू हुई यह आग इतनी भयावह थी कि इसे पूरी तरह बुझाने में दमकल विभाग को 24 घंटे से अधिक का समय लगा। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों का माल जलकर राख हो गया है।
घटना का विवरण: रविवार की काली रात
सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात स्थानीय लोगों ने गोदाम से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठते हुए देखीं। कुछ ही पलों में आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग बहुत तेजी से फैली। स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी।
दमकल विभाग की बड़ी चुनौती: 24 घंटे चला ऑपरेशन
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे नियंत्रित करने के लिए पटना जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया।
संसाधन और बल: आग बुझाने के लिए दो दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों (Fire Tenders) का इस्तेमाल किया गया। इस महा-अभियान में करीब डेढ़ सौ फायर फाइटर्स (अग्निशमन कर्मी) लगातार 24 घंटे तक डटे रहे।
पानी की भारी किल्लत: गोदाम में तेल होने के कारण पानी से आग बुझाना काफी मुश्किल हो रहा था। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और फोम (Foam) का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया।
गंभीर स्थिति: आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की इमारतों को भी खतरा महसूस होने लगा था। एहतियात के तौर पर आसपास के रिहायशी इलाकों को भी खाली कराया गया।
गोदाम मालिक और स्थानीय लोग: भारी नुकसान
गोदाम मालिक के अनुसार, इस आग में लाखों रुपये का खाद्य तेल, पैकेजिंग मटेरियल और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि रविवार की रात को कोई वहां मौजूद नहीं था, जिसके चलते जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया।
आग के कारण: अभी भी रहस्य
आग कैसे लगी, इसका सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। दीदारगंज पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटना के कारणों की गहन जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाए जाने की संभावना है ताकि आग लगने के वास्तविक स्रोतों का पता चल सके।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। भारी भीड़ को नियंत्रित करने और दमकल की गाड़ियों को रास्ता देने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी थी ताकि कोई अनहोनी न हो।
अग्नि सुरक्षा के मानकों पर उठे सवाल
इस घटना ने पटना के व्यावसायिक गोदामों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की पोल खोल दी है।
गोदामों का स्थान: घनी आबादी के बीच स्थित ऐसे गोदामों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त स्थान और पानी की व्यवस्था नहीं होती।
सुरक्षा का अभाव: कई गोदाम मालिकों ने अग्नि सुरक्षा के उपकरणों (Fire Extinguishers) की नियमित जांच नहीं कराई होती है, जो बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
राहत और बचाव के बाद का दृश्य
आग बुझने के बाद गोदाम का दृश्य बेहद डरावना है। गोदाम की दीवारें ढह गई हैं और छत का ढांचा बुरी तरह झुलस गया है। आसपास के लोग अब भी इस घटना के सदमे में हैं। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत (Casualty) होने की कोई सूचना नहीं है।
दीदारगंज की यह घटना औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। तेल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वाले संस्थानों को अग्नि सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन को भी चाहिए कि वह समय-समय पर गोदामों की सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) करे ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा और विनाशकारी घटनाओं को रोका जा सके।