महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 6 से 14 अगस्त तक चलेगा राज्यव्यापी पदयात्रा अभियान, गांव-गांव जाकर जनसमस्याओं पर संवाद करेंगे कार्यकर्ता

भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिहपुर क्षेत्र से राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज होने की खबर सामने आ रही है। भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) अंचल परिषद की एक आवश्यक और उच्चस्तरीय बैठक स्थानीय कार्यालय परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय कार्यकर्ता और आंचल क्षेत्र के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें पार्टी के केंद्रीय एवं राज्य नेतृत्व के आह्वान पर पूरे बिहार में चलाए जाने वाले राज्यव्यापी अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में बढ़ती महंगाई, विकराल होती बेरोजगारी और आम जनता से जुड़ी अन्य ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर 6 अगस्त से 14 अगस्त तक एक व्यापक पदयात्रा अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर और गांव-गांव जाकर आम अवाम से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।

बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे, नेताओं ने सरकार को घेरा

भाकपा अंचल परिषद की यह बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण रही, जहां क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं पर खुलकर मंथन किया गया:

महंगाई की मार से त्रस्त जनता: बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज देश और राज्य में खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीना मुहाल हो गया है। सरकार की नीतियां आम आदमी के हितों के खिलाफ हैं।

बेरोजगारी का बढ़ता संकट: युवाओं के रोजगार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। नेताओं ने कहा कि सूबे में शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर न मिलने के कारण युवा लगातार पलायन करने को मजबूर हैं। झूठे वादों के अलावा धरातल पर रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।

स्थानीय समस्याएं और प्रशासनिक उदासीनता: बिहपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और भ्रष्टाचार पर भी तीखा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जनहित के कार्य ठप पड़े हैं और आम आदमी अपनी छोटी-छोटी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को विवश है।

6 से 14 अगस्त तक चलने वाले राज्यव्यापी पदयात्रा अभियान की रूपरेखा

जनता की इन तमाम समस्याओं को जन-जन तक पहुंचाने और सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए भाकपा ने बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान की तैयारी की है:

गांव-गांव पहुंचेंगे कार्यकर्ता: तय कार्यक्रम के अनुसार, 6 अगस्त से शुरू होने वाली यह पदयात्रा बिहपुर अंचल के विभिन्न गांवों, टोलों और वार्डों से गुजरेगी। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता पैदल चलकर हर घर तक पहुंचेंगे और लोगों की समस्याएं सुनेंगे।

नुक्कड़ सभाएं और जनसंवाद: पदयात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं और चौपालें आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में वक्ता जनता को देश और राज्य की वर्तमान राजनीतिक-आर्थिक परिस्थितियों से अवगत कराएंगे।

केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की पोल खोल: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को जागरूक करना है कि कैसे जनविरोधी नीतियों के कारण गरीबों का जीवन कठिन होता जा रहा है। पार्टी इन मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने का प्रयास करेगी।

कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां, आंदोलन को धार देने का आह्वान

बैठक के अंत में अंचल परिषद के पदाधिकारियों ने सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं को अलग-अलग गांवों की जिम्मेदारी सौंपी है:

अनुशासन और सक्रियता पर जोर: पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ इस पदयात्रा को सफल बनाएं। हर गांव में जाकर लोगों की व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं का संकलन किया जाए।

मांग पत्र सौंपने की तैयारी: पदयात्रा के समापन के बाद (14 अगस्त के आसपास) स्थानीय प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र सौंपा जाएगा, जिसमें महंगाई पर रोक लगाने, बेरोजगारों को भत्ता या रोजगार देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की पुरजोर मांग की जाएगी।

बिहपुर में भाकपा अंचल परिषद द्वारा आयोजित यह बैठक और आगामी 6 से 14 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी पदयात्रा अभियान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र का राजनीतिक पारा चढ़ने वाला है। महंगाई और बेरोजगारी जैसे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी का यह जमीन पर उतरने का निर्णय कितना असरदार साबित होता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इससे आम जनता की आवाज को एक नया मंच और मजबूती जरूर मिलेगी।