सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरियों के लिए विशेष इंतजाम, शिविरों और धर्मशालाओं में मिलेंगी उच्चस्तरीय सुविधाएं
भागलपुर/सुल्तानगंज: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आगाज के साथ ही सुल्तानगंज और पूरे कांवरिया पथ पर तैयारियों ने अंतिम रूप ले लिया है। इस वर्ष लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके विश्राम के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। सुल्तानगंज से लेकर मुंगेर और बांका तक के कांवरिया मार्ग को इस बार 'वीआईपी' सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ जाल
मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। कांवरियों के लिए सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक के रास्ते में कुल 13 अत्याधुनिक अस्थाई स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे। इन शिविरों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
चौबीसों घंटे सेवा: ये शिविर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे, जहाँ तीन पालियों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे।
विशेषज्ञ तैनाती: कुल 39 चिकित्सा पदाधिकारियों (डॉक्टरों) की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही, आपात स्थिति के लिए मोबाइल हेल्थ वैन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
दवाइयों का पर्याप्त भंडार: 139 प्रकार की आवश्यक दवाओं का स्टॉक रखा गया है, जिसमें थकान, डिहाइड्रेशन, पैर के छालों, बुखार और सर्पदंश (Anti-Snake Venom) के इलाज की पूरी व्यवस्था है।
आपातकालीन रेफरल: गंभीर रोगियों को तुरंत जिला अस्पताल या उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुँचाने के लिए एंबुलेंस की मुस्तैद व्यवस्था की गई है।
उच्चस्तरीय विश्राम और बुनियादी सुविधाएं
श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए धर्मशालाओं और शिविरों में इस बार सुविधाओं का स्तर ऊंचा उठाया गया है। मुंगेर और भागलपुर के कांवरिया मार्ग पर विशेष प्रबंध किए गए हैं:
स्विस कॉटेज और जर्मन हैंगर: श्रद्धालुओं के रहने के लिए आधुनिक स्विस कॉटेज और जर्मन हैंगर लगाए गए हैं, जो सुरक्षित और सुव्यवस्थित आश्रय प्रदान करेंगे।
नारी सम्मान और सुविधा: महिलाओं की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर अलग से 15 आधुनिक बाथरूम कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं।
पीने का पानी: निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी (PHED) द्वारा कांवरिया पथ पर कई स्थानों पर नि:शुल्क 'झरने' (Water Fountain/Cooler) लगाए गए हैं, साथ ही आरओ (RO) वॉटर की सुविधा भी उपलब्ध है।
स्वच्छता: नमामि गंगे घाट से लेकर संपूर्ण कांवरिया मार्ग पर सफाई व्यवस्था के लिए विशेष टीम तैनात की गई है, ताकि मेला परिसर में स्वच्छता बनी रहे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है:
ड्रोन और पेट्रोलिंग: मेला क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। कांवरिया पथ पर सुरक्षा के लिए पैदल, बाइक और घुड़सवार पुलिस दल 24 घंटे गश्त करेंगे।
आधुनिक बुनियादी ढांचा: सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बना आधुनिक फुट ओवरब्रिज श्रद्धालुओं को समर्पित किया जा रहा है, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी।
यातायात नियंत्रण: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मुख्य मार्गों पर भारी और डबल डेकर वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
स्वयंसेवी 'मेला मित्र' की तैनाती
इस बार की अनूठी पहल में 150 स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं (मेला मित्र) को तैनात किया गया है। ये 'मेला मित्र' कांवरियों की मदद, उन्हें दिशा-निर्देश देने और किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए कांवरिया पथ पर सक्रिय रहेंगे।
श्रावणी मेला 2026 प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा है, लेकिन जिस तरह से सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है, उससे यह स्पष्ट है कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक होगी। सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाट से जल भरकर जब कांवरिये अपनी यात्रा शुरू करेंगे, तो उन्हें न केवल आध्यात्मिक शांति मिलेगी, बल्कि सरकारी स्तर पर की गई ये व्यवस्थाएं उनकी यात्रा को यादगार और कष्टमुक्त बनाएंगी।