सुजीत कुमार के पुत्र अजित कृष्ण लक्की बने मेजर, सैन्य सेवा में रचा नया इतिहास
अकबरनगर (भागलपुर): भारतीय सेना में अपनी निष्ठा, पराक्रम और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भागलपुर के अकबरनगर निवासी अजित कृष्ण लक्की ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। 5 जुलाई 2026 को उन्हें कैप्टन से मेजर के पद पर पदोन्नति (Promotion) मिली है। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है।
विरासत में मिला देशप्रेम
अजित कृष्ण लक्की के पिता सुजीत कुमार स्वयं भारतीय सेना में कार्यरत हैं। पिता की वर्दी को देखकर ही अजित के मन में बचपन से ही देश सेवा का जज्बा पैदा हो गया था। उन्होंने जिस अनुशासन और समर्पण के साथ सेना की सेवा की है, उसी का परिणाम है कि उन्हें निर्धारित समय से पहले ही मेजर के पद पर पदोन्नति प्राप्त हुई है।
अजित के दादा, रासबिहारी महतो, जो कि पेशे से एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं, उनकी आंखों में अपने पोते की इस कामयाबी को देखकर खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि लक्की बचपन से ही मेधावी और जिज्ञासु था। खेलकूद में रुचि रखने के साथ-साथ उसकी शैक्षणिक नींव भी बहुत मजबूत थी, जिसने उसे भविष्य में एक अधिकारी बनने में मदद की।
एनडीए और आईएमए: सफलता की सीढ़ी
अजित की सैन्य यात्रा एक लंबी और अनुशासित प्रक्रिया रही है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शानदार प्रदर्शन कर अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद, देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रशिक्षण के दौरान भी उन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता और शारीरिक दक्षता का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
उनकी इस पदोन्नति को वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहा है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, अजित का रिकॉर्ड हमेशा 'आउटस्टैंडिंग' रहा है, जिसके चलते उन्हें सेना के उच्च पदों के लिए तैयार माना जाता रहा है। 5 जुलाई 2026 की यह पदोन्नति उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
जैसे ही अजित के मेजर बनने की खबर अकबरनगर पहुंची, उनके पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस खुशी का इजहार किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि "अजित आज केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और बिहार का मान बढ़ा रहा है।"
गांव के युवाओं के लिए अजित कृष्ण लक्की एक 'आइडल' बन चुके हैं। वे अब उन छात्रों के लिए एक मिसाल हैं जो सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करने का सपना देखते हैं। अजित की सफलता यह सिद्ध करती है कि दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
परिवार के लिए गर्व के पल
अजित की मां और परिवार के अन्य सदस्य इस खबर से काफी उत्साहित हैं। उनके पिता सुजीत कुमार ने कहा, "एक पिता के लिए अपनी संतान को देश सेवा में उच्च पद पर देखना सबसे बड़ा सम्मान है। उसकी मेहनत आज रंग लाई है।" परिवार के लिए यह दिन ऐतिहासिक है, जो वर्षों के संघर्ष और त्याग का प्रतिफल है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
मेजर अजित कृष्ण लक्की की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति की अलख जगा रही है। आज के दौर में जब युवा विभिन्न करियर विकल्पों की ओर भाग रहे हैं, अजित का यह रास्ता उन लोगों के लिए एक नई दिशा है जो वर्दी पहनकर राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहते हैं।
मेजर अजित कृष्ण लक्की की यह पदोन्नति केवल एक पद का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह उस अनुशासन और बलिदान की कहानी है जो भारतीय सेना के हर जवान के जीवन का आधार होती है। भागलपुर का यह लाल आने वाले समय में सेना में और भी उच्च पदों पर आसीन होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे, यही पूरे क्षेत्र की कामना है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सितारे भी आपके कंधों पर चमकते हैं।