सभी थानाध्यक्षों को बाइक चोरी, चेन और मोबाइल छिनतई के अड्डे चिन्हित करने का मिला कड़ा निर्देश
पूर्णिया: किसी भी शहर की प्रगति, उसकी व्यावसायिक गतिविधियों की जीवंतता और नागरिकों के मानसिक सुकून की सबसे पहली शर्त होती है—कानून व्यवस्था और सुरक्षा का सुदृढ़ माहौल। जब अपराधी बेखौफ होकर आम आदमी की गाढ़ी कमाई और सामानों पर हाथ साफ करने लगते हैं, तो जनता का प्रशासन से भरोसा डगमगाने लगता है। बिहार के संभाग व व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्णिया शहर में हाल के दिनों में बढ़ती छोटी-मोटी आपराधिक वारदातों, खासकर मोटरसाइकिल चोरी, राह चलते महिलाओं की चेन स्नेचिंग (Chain Snatching) और मोबाइल छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक कदम उठाया है।
पूर्णिया के पुलिस कप्तान और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के आलोक में जिले के सभी थानों के थानाध्यक्षों (SHOs) को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, उनके ठिकानों और विशेषकर बाइक चोरी, चेन एवं मोबाइल छिनतई के अड्डों को तत्काल चिन्हित करें तथा वहां सघन छापेमारी कर अपराधियों की कमर तोड़ दें। इस प्रशासनिक चाबुक के चलने से महकमे में हड़कंप मच गया है और अपराधियों के बीच खौफ का माहौल देखा जा रहा है।
अपराध का बदलता पैटर्न और पुलिस की चिंता
पूर्णिया शहर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है, जिसके कारण यहां बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों, और नए आवासीय इलाकों में आवाजाही काफी बढ़ गई है। इसी भीड़-भाड़ और तकनीकी कमियों का फायदा उठाकर अपराधी गिरोह सक्रिय हो गए हैं।
मोबाइल छिनतई का बढ़ता ग्राफ: शाम ढलते ही सूने रास्तों या व्यस्त बाजारों में पैदल चल रहे लोगों, खासकर युवाओं और बुजुर्गों के हाथ से मोबाइल झपटकर भागने की घटनाएं आम हो चली थीं।
चेन स्नेचिंग की घटनाएं: सुबह-शाम टहलने वाली महिलाओं या मंदिरों-बाजारों में आवाजाही कर रही महिलाओं के गले से सोने की चेन उड़ाने वाले बाइक सवार अपराधी पुलिस के लिए लगातार सिरदर्द बने हुए थे।
मास्टर चाबी और वाहन चोर गिरोह: शहर के मॉल, अस्पताल, बैंक और कोचिंग संस्थानों के बाहर खड़ी की जाने वाली मोटरसाइकिलों को मास्टर चाबी या अन्य तरीकों से चुराने वाले गिरोह शहर के विभिन्न कोनों में अपने गुप्त अड्डे चला रहे थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक और निर्देश
हाल ही में पुलिस मुख्यालय स्तर पर आयोजित अपराध नियंत्रण समीक्षा बैठक में पूर्णिया के शहरी इलाकों में होने वाली इन घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद सभी थाना प्रभारियों को टास्क दिया गया कि वे केवल घटनाओं के दर्ज होने का इंतजार न करें, बल्कि प्रोएक्टिव पुलिसिंग (Proactive Policing) का परिचय दें।
"अपराधियों के छिपने के जितने भी सेफ हाउस या अड्डे हैं, उन्हें पुलिस बर्दाश्त नहीं करेगी। सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे गुप्त सूचना तंत्र (Informer Network) को मजबूत करें और इन छिनतई व चोरी के अड्डों को चिन्हित कर वहां सीधा बुलडोजर या कानूनी शिकंजा कसें।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पूर्णिया
इंटेलिजेंस मैपिंग (Intelligence Mapping): थानों को निर्देश दिया गया है कि वे पिछले एक साल में हुई ऐसी घटनाओं के डेटा का विश्लेषण करें। जिन इलाकों में सबसे ज्यादा बाइक चोरी या छिनतई हुई है, उन हॉटस्पॉट (Hotspots) की मैपिंग की जाए।
संदिग्धों की सूची तैयार करना: जेल से छूटे पुराने अपराधियों और इस धंधे में शामिल नए लड़कों (नशे के आदी युवाओं) की एक अद्यतन सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
धरातल पर एक्शन: छापेमारी और चेकिंग अभियान
निर्देश मिलने के बाद से ही पूर्णिया के विभिन्न थाना क्षेत्रों (जैसे केनगर, सदर थाना, खजांची हाट आदि) में पुलिस ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
वाहन चेकिंग (Vehicle Checking): शहर के प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध अवस्था में घूम रहे बाइक चालकों की सघन तलाशी ली जा रही है। कागजात न मिलने पर गाड़ियां जब्त की जा रही हैं।
गैराज और कबाड़खानों पर नजर: चुराई गई बाइकों के पार्ट्स निकालकर बेचने वाले अवैध गैराजों और कबाड़खानों (Scrap Shops) की औचक जांच की जा रही है, क्योंकि चोरी के वाहनों की खपत अक्सर यहीं होती है।
सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल: शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से अपराधियों के भागने के रास्तों और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया और अपेक्षाएं
पुलिस के इस सख्त रुख का आम नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अगर नियमित गश्त (Patrolling) और इन अड्डों पर स्थायी रूप से पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, तो अपराध पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है।
रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग: व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि रात के समय पुलिस की गश्त और बढ़ाई जाए ताकि चोरों के हौसले पस्त रहें।
त्वरित कार्रवाई का भरोसा: जनता उम्मीद कर रही है कि यह निर्देश केवल कागजी न रहकर धरातल पर ठोस परिणाम देगा और उन्हें इन छोटी लेकिन मानसिक रूप से परेशान करने वाली चोरियों से मुक्ति मिलेगी।
पूर्णिया के थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में बाइक चोरी और छिनतई के अड्डों को चिन्हित करने का यह निर्देश समय की एक अनिवार्य मांग है। जब तक अपराधियों के अड्डों और उनके शरणस्थलों को नेस्तनाबूद नहीं किया जाएगा, तब तक शहर में पूर्ण शांति की कल्पना नहीं की जा सकती। पूर्णिया पुलिस प्रशासन का यह आक्रामक दृष्टिकोण यदि निरंतर जारी रहा, तो निश्चित रूप से अपराधियों का मनोबल टूटेगा और आम जनता भयमुक्त होकर अपने शहर में आवागमन कर सकेगी। यह कदम पूर्णिया को एक सुरक्षित और अपराध-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।