पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान जारी; दूसरे दिन 50 बच्चों को पिलाई गई दवा, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर की मॉनिटरिंग
अकबरनगर: जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए चल रहे पांच दिवसीय 'पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान' का दूसरा दिन पूरी मुस्तैदी के साथ संपन्न हुआ। अकबरनगर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय टीमों ने आज सघन अभियान चलाया, जिसके तहत 50 बच्चों को पोलियोरोधी दवा की खुराक पिलाई गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के किसी भी बच्चे को दवा से वंचित न रहने देना है।
अभियान की जमीनी हकीकत
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित विभिन्न टीमें सुबह से ही क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय रहीं। टीमों ने न केवल बच्चों को दवा पिलाई, बल्कि उनके माता-पिता को टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। अकबरनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, दूसरे दिन का लक्ष्य उन क्षेत्रों पर केंद्रित था जहाँ आवाजाही अधिक रहती है। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण जीवनरक्षक खुराक से छूट न जाए।
छूटे हुए बच्चों के लिए विशेष रणनीति
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 'छूटे हुए बच्चों' की सूची तैयार करने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई है। कई परिवारों के बाहर होने या बच्चों के घर पर न मिलने के कारण कुछ बच्चे पहले दिन दवा लेने से वंचित रह गए थे। ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के लिए टीमें अब 'माइक्रो-प्लानिंग' के तहत काम कर रही हैं।
अकबरनगर के स्वास्थ्य प्रभारी ने बताया, "हमारा लक्ष्य 100% कवरेज है। अभियान के अंत में हम उन सभी बच्चों की दोबारा जांच करेंगे जो किन्हीं कारणों से दवा नहीं ले पाए थे। इसके लिए विशेष 'मॉप-अप राउंड' भी चलाया जाएगा, ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।"
जागरूकता और जन-सहयोग
अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वे स्थानीय निवासियों को समझा रही हैं कि पोलियो एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे टीकाकरण के माध्यम से आसानी से रोका जा सकता है। क्षेत्र की कई महिला समूहों ने भी स्वास्थ्य टीम को सहयोग प्रदान करते हुए अपने बच्चों को समय पर दवा दिलवाई।
विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, चाहे उन्हें पहले भी दवा क्यों न पिलाई गई हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
अकबरनगर में इस अभियान को लेकर स्थानीय लोगों में सकारात्मक माहौल है। विभाग की टीमें अगले तीन दिनों तक लगातार क्षेत्र में भ्रमण करेंगी। यदि किसी के पास अभी भी कोई बच्चा दवा से वंचित है, तो वे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन ने विश्वास जताया है कि टीम की मेहनत और जन-सहयोग से अकबरनगर इस बार भी शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा और बच्चों को पोलियो मुक्त भविष्य देने में सफल रहेगा।