बाल विवाह के खिलाफ 84 विद्यालयों में गूंजेगी शपथ

कहलगांव/भागलपुर: बिहार सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में चलाए जा रहे प्रयासों के तहत, कहलगांव अनुमंडल में 'शक्ति संवाद' अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना और छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

बैठक की मुख्य बातें और कार्ययोजना

कहलगांव अनुमंडल में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 11 जुलाई को इस अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

अभियान की प्रमुख रणनीतियां:

84 विद्यालयों में शपथ: अभियान के अंतर्गत कहलगांव के 34, पीरपैंती के 31 और सन्हौला के 19 विद्यालयों सहित कुल 84 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह निषेध की शपथ दिलाई जाएगी।

जागरूकता का माध्यम: इस मुहिम को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों में नाटक, गीत, नृत्य और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले, 9 और 10 जुलाई को चित्रकला प्रतियोगिताएं और 10 जुलाई को प्रभात फेरी निकालकर लोगों को जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य और पोषण: अभियान के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी जोड़ा गया है। छात्राओं के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी और साथ ही उनकी हीमोग्लोबिन की जांच भी की जाएगी।

समन्वय टीम का गठन: जमीनी स्तर पर निगरानी और क्रियान्वयन के लिए प्रखंड स्तर पर छह सदस्यीय समन्वय टीम का गठन किया जा रहा है। इसके अलावा, इस अभियान के तहत 84 महिला पदाधिकारियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है ताकि वे छात्राओं का मनोबल बढ़ा सकें।

प्रशासन का सख्त रुख

बाल विवाह पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विवाह कराने वाले पंडितों, काजियों और मैरिज हॉल के संचालकों के साथ अलग से बैठक करेंगे। उनसे यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि विवाह के समय दूल्हा-दुल्हन की उम्र का विधिवत सत्यापन हो और इसके लिए उनसे बांड भी भरवाया जाएगा।

अभियान का उद्देश्य

'शक्ति संवाद' अभियान का मूल मंत्र महिलाओं और छात्राओं को सशक्त बनाना है। यह न केवल बाल विवाह के खिलाफ एक लड़ाई है, बल्कि इसके माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे उन तक पहुँचाई जा रही है। कहलगांव के शारदा पाठशाला में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी की उपस्थिति अभियान को एक नई दिशा देगी।