चोरी की लत से परेशान होकर 13 साल के बेटे के पैरों में डाला लोहे का कड़ा, पुलिस से मांगी मदद
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जो समाज, परिवार और परवरिश की कई गंभीर परतों को एक साथ उजागर करता है। एक तरफ जहां बच्चों की हर गलती पर माता-पिता के कठोर रवैये की चर्चा होती है, वहीं दूसरी तरफ एक मां की ऐसी लाचारी और बेबसी भी सामने आई है जिसने अपने 13 साल के नाबालिग बेटे की चोरी की गंभीर लत से तंग आकर एक बेहद दर्दनाक और असाधारण कदम उठा लिया। थक-हारकर और समाज के तानों व बेटे के भविष्य को बचाने की जिद में इस मां ने अपने ही जिगर के टुकड़े के पैरों में लोहे का भारी कड़ा डाल दिया, ताकि वह चाहकर भी घर से बाहर चोरी करने न भाग सके।
चोरी की लत और घर का ताला तोड़कर भागने की आदत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस 13 वर्षीय किशोर को कम उम्र में ही बुरी संगत के कारण चोरी करने की बुरी लत लग चुकी थी। वह घर से पैसे चुराने और आसपास के इलाकों में छोटी-मोटी चोरियों को अंजाम देने लगा था। माता-पिता ने उसे समझाने, डांटने और कई बार सुधारने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन लड़के की आदत पर कोई असर नहीं पड़ा।
स्थिति तब और विकट हो गई जब किशोर ने घर के अंदर ही तमाम पाबंदियों को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। वह रात के समय या मौका मिलते ही घर का ताला तोड़कर चोरी करने के लिए बाहर निकल जाता था। उसकी इस बढ़ती प्रवृत्ति से पूरा परिवार गहरे संकट में था। माता-पिता को डर था कि यह आदत आगे चलकर उसे किसी बड़े अपराध के दलदल में धकेल देगी या कोई अनहोनी करवा देगी।
पकड़ा गया और हुई पिटाई, तब टूटा मां का सब्र
घटना वाले दिन भी किशोर अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आया और ताला तोड़कर चोरी करने के इरादे से इलाके में निकल पड़ा। लेकिन इस बार किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वह चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। भीड़ या स्थानीय लोगों ने जब उसे पकड़ा, तो उसकी जमकर पिटाई भी की गई। जब यह सूचना उसकी मां तक पहुँची, तो उनका कलेजा बैठ गया। एक तरफ बेटे के हाथ-पैर टूटने का डर और दूसरी तरफ उसकी आपराधिक होती हरकतें—इन दोनों के बीच पिसती हुई मां का सब्र आखिरकार पूरी तरह टूट गया।
पैरों में लोहे का कड़ा पहनाने का कड़वा फैसला
बेटे को बार-बार समझाने और समाज के सामने शर्मिंदा होने के बाद उस बेबस मां ने एक ऐसा फैसला लिया जो सामान्य नजरिए से बहुत कठोर लग सकता है, लेकिन एक माँ की नजर में यह बेटे को बचाने का आखिरी उपाय था। उसने अपने 13 साल के बेटे के पैरों में लोहे का भारी कड़ा जड़ दिया, ताकि वह आसानी से दौड़कर कहीं बाहर चोरी करने न जा सके। मां का यह कदम इस बात का प्रमाण था कि वह अपने बच्चे को गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए कितनी असहाय और विवश हो चुकी थी।
पुलिस दरबार में लगाई गुहार, बेटे को सुधारने की अपील
इस पूरी घटना के बाद थक-हार चुकी मां ने खुद कानून और पुलिस का दरवाजा खटखटाया। उसने मुजफ्फरपुर पुलिस के सामने पेश होकर अपनी सारी व्यथा सुनाई और मदद की गुहार लगाई। मां ने पुलिस अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में अनुरोध किया कि वे उसके बेटे की इस लत को छुड़ाने और उसे सही रास्ते पर लाने में उसकी सहायता करें। उसने पुलिस से आग्रह किया कि या तो उसे काउंसलिंग के जरिए सुधारा जाए या किसी ऐसे सुधार गृह (बाल सुधार गृह) में रखा जाए जहाँ उसकी यह आदत छूट सके। पुलिस ने भी इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए मां को उचित कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता का भरोसा दिलाया है, ताकि एक नाबालिग बच्चे के भविष्य को बर्बादी से बचाया जा सके।