मायागंज अस्पताल की ओपीडी में बदहाल व्यवस्था, उमड़ी मरीजों की भीड़

भागलपुर: जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), जिसे स्थानीय स्तर पर 'मायागंज अस्पताल' के नाम से जाना जाता है, की ओपीडी (OPD) सेवाओं में मरीजों की भारी भीड़ और कुव्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। ओपीडी में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच घंटों संघर्ष करना पड़ रहा है।

ओपीडी में 'त्राहिमाम' की स्थिति

सप्ताह के शुरुआती दिनों में मायागंज अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का भारी दबाव देखने को मिलता है। आलम यह है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चेंबर तक लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। मरीजों को पर्ची कटाने के लिए ही घंटों का इंतजार करना पड़ता है। ओपीडी भवन के मुख्य हॉल में जगह की कमी और उमस के कारण मरीजों का बुरा हाल है, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को बैठने के लिए उचित स्थान न मिल पाने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गर्मी और संसाधनों की कमी से जूझ रहे मरीज

अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और पैथोलॉजी सेंटर के बाहर तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जांच कराने और रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों और परिजनों के बीच अक्सर आपाधापी मची रहती है। मरीजों का कहना है कि भीषण गर्मी में भी अस्पताल के भीतर पर्याप्त व्यवस्था न होने से कई लोगों को चक्कर आने जैसी समस्याएं हो रही हैं। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने स्थिति का निरीक्षण किया और एक्सरे सेंटर व जांच के लिए कतारों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है, ताकि अफरातफरी पर लगाम लगाई जा सके।

रजिस्ट्रेशन काउंटर की समस्या और भविष्य की योजना

अस्पताल में रोजाना दो हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिससे ओपीडी भवन पर अत्यधिक दबाव बना रहता है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन द्वारा ओपीडी भवन के बाहर एक नया और आधुनिक रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाने की स्वीकृति दी गई है, लेकिन अभी तक उसका निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर पाया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे का कहना है कि मॉर्चरी का काम पूरा होते ही नए रजिस्ट्रेशन काउंटर का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।

सुरक्षा के नाम पर ठगी की घटनाएं

अव्यवस्था का फायदा उठाकर अस्पताल परिसर में सक्रिय असामाजिक तत्व भी मरीजों के परिजनों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में डॉक्टरों के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसे बरारी पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि अस्पताल में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने की सख्त जरूरत है।

मायागंज अस्पताल, जो पूरे भागलपुर और आसपास के जिलों के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा का केंद्र है, वहाँ बुनियादी सुविधाओं में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। प्रशासनिक दावों के बावजूद, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में हो रही देरी और अव्यवस्था, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है