साइबर ठगी के बड़े मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता; ऑनलाइन 1.60 लाख रुपये की चपत लगाने वाला आरोपी सौरभ अग्रवाल गिरफ्तार, पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने ने की त्वरित कार्रवाई

नवगछिया, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नवगछिया पुलिस जिला क्षेत्र से साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। नवगछिया के साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड और ठगी के एक बड़े मामले का उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल को गिरफ्तार करने में भारी सफलता हासिल की है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक स्थानीय पीड़ित के बैंक खाते से गुप्त तरीके से ऑनलाइन माध्यम से 1,60,000 रुपये (एक लाख साठ हजार रुपये) की भारी-भरकम रकम अवैध रूप से हड़प ली थी। पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत और तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) के आधार पर साइबर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा, जिससे साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला? (कैसे दिया गया ठगी को अंजाम)

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नवगछिया थाना क्षेत्र और उससे जुड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ है:

ऑनलाइन रिचार्ज और ट्रांजैक्शन के नाम पर फ्रॉड: आरोपी सौरभ अग्रवाल ने पीड़ित को किसी झांसे में लेकर या तकनीकी जालसाजी (Technical Cheating) का इस्तेमाल करते हुए उनके बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद सुनियोजित तरीके से अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1,60,000 रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली गई।

अचानक खाते से पैसे कटने पर उड़ा होश: जब पीड़ित के मोबाइल पर बैंक खाते से एक के बाद एक कई बार में कुल 1.60 लाख रुपये कटने के मैसेज आए, तो उनके होश उड़ गए। पीड़ित ने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया और पाया कि उनके साथ ऑनलाइन ठगी (Cyber Fraud) हो चुकी है।

पीड़ित की शिकायत और साइबर थाने की तत्परता

घटना के बाद सदमे में आए पीड़ित ने बिना देर किए नवगछिया साइबर थाने का रुख किया और न्याय के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई:

गंभीरता से लिया गया मामला: नवगछिया साइबर थाना अध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष तकनीकी टीम का गठन किया। पुलिस ने पीड़ित द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction IDs) के आधार पर तकनीकी सर्विलांस शुरू कर दिया।

लोकेशन ट्रेस कर दबोचा गया आरोपी: साइबर सेल की तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हो गया कि इस ठगी को अंजाम देने में सौरभ अग्रवाल की मुख्य संलिप्तता है। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी सौरभ अग्रवाल को नवगछिया क्षेत्र से ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

पुलिस की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद साइबर थाने में आरोपी से लंबी पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है:

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश: पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सौरभ अग्रवाल इस ठगी की वारदात में अकेला था या उसके साथ कोई पूरा गिरोह काम कर रहा था। नवगछिया पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस आरोपी ने पहले भी अन्य लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है या नहीं।

न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी: साइबर थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (Information Technology Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील

इस सफल गिरफ्तारी के बाद नवगछिया पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए एक बार फिर चेतावनी और एडवाइजरी जारी की है:

सतर्कता ही बचाव है: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की डिटेल, एटीएम पिन, ओटीपी (OTP) या यूपीआई पासवर्ड (UPI Password) शेयर न करें।

तुरंत करें शिकायत: यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal - cybercrime.gov.in) पर या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते पैसे को होल्ड कराया जा सके।

नवगछिया में साइबर ठगी के आरोपी सौरभ अग्रवाल की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि पुलिस अब डिजिटल अपराधों के प्रति बेहद सख्त रुख अपना रही है। हालांकि, आधुनिक तकनीक का फायदा उठाकर ठगी करने वाले अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में आम जनता की जागरूकता और पुलिस की तत्परता ही इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगा सकती है। इस कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद ब बंधी है और साइबर अपराधियों में पुलिस का खौफ भी कायम हुआ है।