एनएच 80 पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 205 लीटर विदेशी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
सबौर (भागलपुर): बिहार में जारी पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के अपने अभियान के तहत सबौर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एनएच 80 (NH 80) सड़क मार्ग पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में दो शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से शराब की खेप लेकर जा रहे थे।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल
सबौर थाना पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य झारखंड के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप भागलपुर की ओर लाई जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच 80 पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस ने संदिग्ध गाड़ियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान एक गाड़ी को संदेह के आधार पर रुकने का इशारा किया गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस की टीम भी हैरान रह गई, क्योंकि उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं।
205 लीटर विदेशी शराब बरामद
पुलिस ने जब गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो उसमें से कुल 205 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब का मिलना तस्करों के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से शराब की पूरी खेप को जब्त कर लिया और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी झारखंड के निवासी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्त पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा (Mahagama) के रहने वाले हैं। पुलिस अब उनसे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह शराब बिहार में किस जगह सप्लाई करने वाले थे और इस धंधे के पीछे कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
पुलिस का सख्त रुख
सबौर थानाध्यक्ष ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जिले की सीमाओं पर निगरानी और बढ़ा दी गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा है कि शराब तस्कर नए-नए तरीकों से तस्करी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी चालें नाकाम हो रही हैं। पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है ताकि इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।