आसमानी आफत का कहर; कहलगांव में वज्रपात से 3 और नवगछिया में 1 व्यक्ति की मौत
भागलपुर: शनिवार का दिन भागलपुर और नवगछिया के निवासियों के लिए बेहद दुखद रहा। जिले में अचानक बदले मौसम और मूसलाधार बारिश के साथ गिरे भीषण वज्रपात (ठनका) ने चार लोगों की जान ले ली है। इस प्राकृतिक आपदा में कहलगांव अनुमंडल में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि नवगछिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की जान जाने की खबर है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना का विवरण: खेत और काम पर थे मृतक
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली थी। देखते ही देखते आकाश में काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान जिले के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात की घटनाएं हुईं।
कहलगांव में त्रासदी: कहलगांव में वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा है। स्थानीय प्रशासन ने इन घटनाओं की पुष्टि की है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का जायजा लिया जा रहा है।
नवगछिया का मामला: नवगछिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी वज्रपात ने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना उस समय हुई जब पीड़ित अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त था।
प्रशासन की चेतावनी और सतर्कता
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन इस आकस्मिक घटना ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम, विशेषकर आंधी-तूफान के समय, खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
जिले में दहशत का माहौल
एक ही दिन में चार लोगों की असामयिक मृत्यु से भागलपुर और नवगछिया के ग्रामीण इलाकों में दहशत और गम का माहौल है। खेती-बारी के मौसम में अक्सर किसान और मजदूर खुले में काम करते हैं, जिससे वे ऐसी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
फिलहाल, प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी इस तरह की घटनाओं पर संज्ञान लिया गया है और अधिकारियों को तत्परता से राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।