पटना के कर्पूरी सभागार में JDU की महाबैठक आज; नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर लगेगी अंतिम मुहर
जनता दल (यूनाइटेड) के संगठन और भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आज जदयू की राष्ट्रीय और राज्य परिषद की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस महामंथन में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद संगठन को मजबूत करने में जुटे नीतीश कुमार को पार्टी का पुनः निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने के फैसले पर आधिकारिक और संवैधानिक मुहर लगाई जाएगी।
बैठक का विस्तृत शेड्यूल और एजेंडा
पार्टी नेतृत्व के अनुसार, इस सांगठनिक महाबैठक की रूपरेखा को सुचारू ढंग से चलाने के लिए दो सत्र तय किए गए हैं:
दो सत्रों में बैठक: पहले सत्र में सुबह राज्य परिषद की बैठक आयोजित की जा रही है, जबकि दूसरे सत्र में दोपहर 3:30 बजे से राष्ट्रीय परिषद की बैठक शुरू होगी।
दिग्गजों का जमावड़ा: इस बैठक में भाग लेने के लिए देश भर से जदयू के राष्ट्रीय प्रतिनिधि पटना पहुंचे हैं। इसके साथ ही बिहार कैबिनेट के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सहित पार्टी के सभी शीर्ष नेता मंच पर मौजूद रहेंगे।
दोहरे नेतृत्व की घोषणा: इस बैठक में नीतीश कुमार को राष्ट्रीय कमान सौंपने के साथ-साथ उमेश कुशवाहा को दोबारा सर्वसम्मति से बिहार जदयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव को भी आधिकारिक मंजूरी दी जाएगी।
आगामी चुनावों और संगठन विस्तार का 'रोडमैप'
हालिया राजनीतिक बदलावों और बिहार में एनडीए (NDA) सरकार के गठन के बाद संगठन के स्तर पर यह जदयू की सबसे बड़ी बैठक है। इस महामंथन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
चुनावी ब्लूप्रिंट: बैठक में आगामी विधानसभा और सांगठनिक चुनावों को लेकर पार्टी की नई रणनीति तय की जाएगी।
नीतीश मॉडल का राष्ट्रीय विस्तार: दो दशकों में नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और विकास कार्यों के मॉडल को अन्य राज्यों में प्रचारित कर जदयू को एक पूर्ण राष्ट्रीय पार्टी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।
राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव: बैठक के अंत में पार्टी देश और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालातों, सदस्यता अभियान और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करेगी।
"कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा यह फैसला" — जदयू
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस बैठक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
"नीतीश कुमार जी का नेतृत्व ही हमारी पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक दायित्व संभालने से देश भर के कार्यकर्ताओं में एक नया राजनीतिक उत्साह पैदा होगा। हम संगठन को और अधिक धारदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"