जर्जर पुलिस भवनों के निर्माण को मिलेगी प्राथमिकता, गृह मंत्री सुदन गुरुङ बोले- बजट की कमी से हुई देरी; सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर
काठमांडू | संवाददाता
नेपाल सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का संकेत दिया है। गृह मंत्री सुदन गुरुङ ने स्वीकार किया है कि देश के कई हिस्सों में पुलिस कार्यालयों और चौकियों के भवन काफी पुराने, जर्जर और कमजोर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि सीमित बजट के कारण इन भवनों के निर्माण और मरम्मत का कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका, लेकिन अब सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठाने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में पुलिस भवनों के निर्माण और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पुलिस बल को बेहतर कार्य वातावरण और नागरिकों को अधिक प्रभावी सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी देश की कानून-व्यवस्था केवल पुलिस बल की संख्या या आधुनिक हथियारों से मजबूत नहीं होती, बल्कि उसके लिए मजबूत बुनियादी ढांचा भी उतना ही आवश्यक है। सुरक्षित और आधुनिक पुलिस भवन न केवल पुलिसकर्मियों के कार्य को आसान बनाते हैं, बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को जर्जर भवनों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस भवनों की खराब स्थिति पर जताई चिंता
गृह मंत्री सुदन गुरुङ ने कहा कि नेपाल के कई जिलों, विशेषकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित पुलिस चौकियां एवं थाना भवन काफी पुराने हो चुके हैं। कई भवनों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, जबकि कुछ भवन प्राकृतिक आपदाओं और समय के प्रभाव से कमजोर हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बजट की कमी बनी बड़ी चुनौती
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पुलिस भवनों के निर्माण को लेकर गंभीर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सीमित बजटीय संसाधनों के कारण निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका।
उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा और अन्य विकास परियोजनाओं के साथ सुरक्षा क्षेत्र के लिए भी संसाधनों का संतुलित उपयोग करना पड़ता है। इसके बावजूद पुलिस बुनियादी ढांचे के विकास को लगातार प्राथमिकता देने का प्रयास किया जा रहा है।
जल्द शुरू होंगे निर्माण कार्य
गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगामी बजट में पुलिस भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन पुलिस कार्यालयों की पहचान की जाएगी जिनकी स्थिति सबसे अधिक खराब है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से नए भवनों का निर्माण और पुराने भवनों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सुदन गुरुङ ने कहा कि मजबूत पुलिस बुनियादी ढांचा देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भवनों के साथ-साथ बेहतर संचार व्यवस्था, तकनीकी संसाधन और आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पुलिस अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगी।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा बेहतर कार्य वातावरण
सरकार का मानना है कि सुरक्षित और आधुनिक कार्यालयों से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा।
बेहतर भवनों में कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, पूछताछ कक्ष, महिला सहायता कक्ष, बैरक और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
भूकंपरोधी भवनों के निर्माण पर विशेष जोर
नेपाल भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील देश है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार नए पुलिस भवनों का निर्माण भूकंपरोधी मानकों के अनुरूप कराने की योजना बना रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि भविष्य में बनने वाले सभी पुलिस कार्यालय आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप होंगे, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान पुलिस सेवाएं प्रभावित न हों।
आम जनता को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पुलिस ढांचे का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।
बेहतर भवनों और संसाधनों के कारण शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी, जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की क्षमता बढ़ेगी।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास
गृह मंत्रालय ने बताया कि पूरे देश में पुलिस भवनों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर निर्माण और मरम्मत की प्राथमिकता तय की जाएगी।
जहां भवन अत्यधिक जर्जर हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जबकि अन्य स्थानों पर उपलब्ध बजट के अनुसार कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
विशेषज्ञों ने निर्णय का किया स्वागत
सुरक्षा मामलों के जानकारों ने गृह मंत्री के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि मजबूत पुलिस ढांचा किसी भी देश की आंतरिक सुरक्षा की आधारशिला होता है।
उनका कहना है कि यदि पुलिसकर्मियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध होंगे तो वे जनता को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दे सकेंगे।
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुङ द्वारा पुलिस कार्यालयों की जर्जर स्थिति और बजट की कमी को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना सरकार की पारदर्शिता और समस्या समाधान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में पुलिस भवनों के निर्माण और आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल पुलिस बल की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि देश की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत होगी। नागरिकों को भी आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर पुलिस सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।