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 सार्वजनिक स्थानों पर टेंपो चालकों से वसूली के आरोपों की जांच की मांग, पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने नगर आयुक्त को लिखा पत्र

मुजफ्फरपुर | संवाददाता

मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर टेंपो चालकों से नगर निगम की रसीद के नाम पर की जा रही कथित वसूली की जांच कराने की मांग को लेकर नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि यदि यह वसूली बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत की जा रही है, तो इसे तत्काल बंद कराया जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मुद्दे को लेकर टेंपो चालकों और आम लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है। टेंपो चालकों का कहना है कि शहर के विभिन्न स्थानों पर उनसे पैसे लिए जा रहे हैं और इसके बदले नगर निगम की रसीद दी जा रही है। पूर्व मेयर ने नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि यह वसूली निगम की स्वीकृति से हो रही है या नहीं तथा क्या यह पूरी तरह नियमों के अनुरूप है।

नगर आयुक्त को सौंपा पत्र

अपने पत्र में सुरेश कुमार ने नगर आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना वैधानिक अधिकार के टेंपो चालकों से पैसे वसूल रही है, तो ऐसी गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने नगर निगम के नाम पर होने वाली प्रत्येक प्रकार की वसूली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सार्वजनिक स्थानों पर हो रही वसूली पर चिंता

पूर्व मेयर ने कहा कि कई टेंपो चालकों ने उन्हें बताया है कि शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं और नगर निगम की रसीद भी दी जा रही है।

उन्होंने प्रशासन से यह जांच करने की मांग की कि यह वसूली किस आदेश के तहत की जा रही है और क्या वसूली की जा रही राशि नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क के अनुरूप है।

पारदर्शिता पर दिया जोर

सुरेश कुमार ने कहा कि किसी भी सरकारी संस्था द्वारा की जाने वाली वसूली पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए।

यदि यह वसूली अधिकृत है तो नगर निगम को सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी, निर्धारित शुल्क और कानूनी आधार स्पष्ट करना चाहिए, ताकि टेंपो चालकों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग

पूर्व मेयर ने मांग की कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि अवैध वसूली हो रही है तो उसे तुरंत बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई।

टेंपो चालकों ने भी जताई चिंता

कई टेंपो चालकों ने भी इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उनसे किस मद में राशि ली जा रही है और यह वसूली किस नियम के तहत हो रही है।

उन्होंने नगर निगम से इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम का सामना न करना पड़े।

नगर निगम की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक नगर निगम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

उम्मीद की जा रही है कि शिकायत की जांच के बाद संबंधित अधिकारी आवश्यक अभिलेखों और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर उचित निर्णय लेंगे।

पारदर्शी राजस्व व्यवस्था की आवश्यकता

शहरी प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की राजस्व वसूली स्पष्ट नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

निर्धारित शुल्क, उचित दस्तावेज और सार्वजनिक जानकारी से नागरिकों तथा प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत होता है।

जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग

पूर्व मेयर ने अपने पत्र में यह भी कहा कि नगर निगम के नाम पर होने वाली प्रत्येक वित्तीय गतिविधि की नियमित निगरानी होनी चाहिए।

यदि किसी सरकारी रसीद का दुरुपयोग हो रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर सुरेश कुमार द्वारा नगर आयुक्त को लिखा गया पत्र शहर में टेंपो चालकों से नगर निगम की रसीद के साथ की जा रही कथित वसूली के मुद्दे को लेकर नई बहस छेड़ता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और किसी भी प्रकार की अवैध या अनियमित वसूली पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजर नगर निगम की जांच और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।