लापता मजदूर का शव अरई रजुआ चौर से बरामद, दो जुलाई से था गायब; पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

मुजफ्फरपुर/दरभंगा | संवाददाता

दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित अरई रजुआ चौर से 32 वर्षीय मिथिलेश यादव का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मिथिलेश बीते 2 जुलाई से लापता थे। परिजनों के अनुसार, वह घर से मजदूरी करने के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। बाद में अरई रजुआ चौर में उनका शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

2 जुलाई से थे लापता

परिजनों ने बताया कि मिथिलेश यादव 2 जुलाई की सुबह घर से मजदूरी करने के लिए निकले थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह शाम तक लौट आएंगे, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर चिंता बढ़ गई।

इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उनकी तलाश शुरू की गई। आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

चौर में मिला शव

स्थानीय लोगों ने अरई रजुआ चौर में एक शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान मिथिलेश यादव के रूप में कराई।

शव मिलने की खबर सुनते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उनकी पहचान की। इसके बाद पूरे परिवार में मातम छा गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मिथिलेश यादव अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।

परिजनों का कहना है कि मजदूरी कर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही सिमरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

शव को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और शरीर पर किसी प्रकार की चोट या अन्य संदिग्ध संकेत हैं या नहीं।

हर पहलू से जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई, दुर्घटना का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

जरूरत पड़ने पर मोबाइल कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

गांव में शोक का माहौल

मिथिलेश यादव की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

परिजनों ने पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने और यदि किसी प्रकार की आपराधिक साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

अधिकारियों ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

निष्कर्ष

दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित अरई रजुआ चौर से 32 वर्षीय मिथिलेश यादव का शव बरामद होने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। दो जुलाई से लापता मजदूर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच में जुटी है, जबकि परिवार और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।