करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 35 वर्षीय मोहम्मद शाहिद की मौत, सिसौनी पीर नगर गांव में पसरा मातम

बेगूसराय, बिहार। जिले के डंडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिसौनी पीर नगर गांव में एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय मोहम्मद शाहिद की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर डंडारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मद शाहिद अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करते थे। शनिवार की सुबह वह अपने घर के आसपास दैनिक कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान उनका संपर्क एक ऐसे बिजली के तार से हो गया, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट की चपेट में आते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

घटना को देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया। इसके बाद शाहिद को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार का इकलौता सहारा था शाहिद

ग्रामीणों के अनुसार मोहम्मद शाहिद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, छोटे-छोटे बच्चों, माता-पिता और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने में जुटे हुए हैं।

मृतक की पत्नी बार-बार बेसुध हो रही थी। परिजनों का कहना है कि शाहिद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो परिवार की हर जरूरत को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते थे। उनकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

गांव में पसरा मातम

घटना की खबर फैलते ही सिसौनी पीर नगर गांव में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाने लगे। गांव के बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए परिवार को हर संभव मदद दिलाने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि शाहिद सभी लोगों के सुख-दुख में शामिल रहते थे और समाज में उनकी अच्छी पहचान थी। उनकी मौत से गांव ने एक जिम्मेदार और मेहनती व्यक्ति को खो दिया है।

पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद डंडारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की विस्तृत पुष्टि हो सकेगी।

थाना पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से हुई दुर्घटनावश मौत का प्रतीत होता है। फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों का बयान भी दर्ज किया है।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर बिजली के तार जर्जर स्थिति में हैं और समय-समय पर उनकी मरम्मत नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर पुराने और क्षतिग्रस्त तारों को बदलने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव किया जाए तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की भी मांग की है।

प्रशासन से सहायता की मांग

मोहम्मद शाहिद की मौत के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है और कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद परिजनों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि आपदा राहत या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत परिवार को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़

पोस्टमार्टम के बाद जब मोहम्मद शाहिद का शव गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और माहौल पूरी तरह गमगीन था। परिजन और ग्रामीण उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देते नजर आए।

शाहिद की असमय मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता और सतर्कता कितनी जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही या तकनीकी खामी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। सिसौनी पीर नगर गांव में हुई यह दुखद घटना लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेगी।

मोहम्मद शाहिद के निधन से न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है, बल्कि पूरे गांव ने एक मेहनती, जिम्मेदार और सामाजिक व्यक्ति को खो दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार पर है कि पीड़ित परिवार को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें कुछ राहत मिल सके।