गवाही देने थाने जा रही महिला पर ससुराल वालों का जानलेवा हमला; लोहे की रॉड से पीटकर किया अधमरा
भागलपुर/नाथनगर: मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के बेलखोरिया गांव में सोमवार की सुबह एक अत्यंत दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। एक विवाहित महिला पर उसके ससुराल वालों ने इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि वह अपने पति की मौत से जुड़े एक पुराने केस में गवाही देने थाने जा रही थी। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
घटना के अनुसार, बीते समय में महिला के पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। पति के निधन के बाद से ही उसके ससुर महेंद्र यादव और देवर पंकज यादव, मंटू यादव व संटू यादव उसे ससुराल से बेदखल करने की साजिश रच रहे थे। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पूर्व में भी महिला के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसी केस के सिलसिले में सोमवार को महिला को मधुसूदनपुर थाने पर गवाही के लिए बुलाया गया था। सोमवार की सुबह करीब सात बजे जब उसने अपनी तैयारी पूरी की, तो ससुराल वालों को उसकी योजना का पता चल गया।
बेरहमी से दिया घटना को अंजाम
गवाही देने जाने की बात सुनते ही ससुराल वाले आगबबूला हो गए। वे हथियारों और लोहे की रॉड से लैस होकर महिला के कमरे में घुस गए। आरोपियों ने महिला को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी पंकज यादव ने महिला के सिर पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया, जबकि अन्य लोगों ने भी उस पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। भीषण हमले के कारण महिला बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी।
इस पूरी घटना के दौरान महिला के बच्चे घर से बाहर निकलकर शोर मचाने लगे, जिसके बाद आस-पास के ग्रामीण वहां पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। बाद में, ग्रामीणों की मदद से अचेत अवस्था में पड़ी महिला को मधुसूदनपुर थाने ले जाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और स्वास्थ्य स्थिति
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए नाथनगर रेफरल अस्पताल भेजा। वहां भी हालत में सुधार न होने और सिर में गंभीर जख्म होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
कानून और सुरक्षा पर सवाल
यह घटना न केवल घरेलू हिंसा का एक भयावह रूप है, बल्कि कानून और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का भी एक गंभीर मामला है। एक महिला को अपने पति की मृत्यु के बाद न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था, और अब उसी न्याय की लड़ाई के कारण उस पर जानलेवा हमला किया गया। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी महिला सुरक्षित महसूस कर सके।