स्टेशन चौक से गांगुली स्कूल तक घंटों रेंग रहे वाहन, बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाई मुसीबत
भागलपुर: शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले स्टेशन चौक से गांगुली स्कूल तक का मुख्य मार्ग इन दिनों भीषण यातायात जाम का पर्याय बन गया है। आलम यह है कि महज कुछ मिनट की दूरी तय करने में वाहन चालकों को घंटों का समय लग रहा है। सड़क किनारे हुए बेतरतीब अतिक्रमण और सड़कों पर ही अवैध पार्किंग ने यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी है, जिससे आम जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर है।
जाम का केंद्र: स्टेशन चौक से गांगुली स्कूल
स्टेशन चौक से गांगुली स्कूल के बीच का रास्ता शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्कूली छात्र, यात्री, और व्यापारी गुजरते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह सड़क 'जैम जोन' में तब्दील हो गई है। सड़कों के दोनों ओर ठेले, गुमटियां और फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है, जिसके कारण सड़क की चौड़ाई आधी से भी कम हो गई है।
अतिक्रमण के साथ-साथ निजी और व्यावसायिक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग ने इस समस्या को और विकराल बना दिया है। दुकानदार अपना सामान सड़क तक सजा रहे हैं, जबकि वाहन चालक बीच सड़क पर ही गाड़ी खड़ी कर खरीददारी में व्यस्त रहते हैं।
स्कूली छात्रों और मरीजों की दुश्वारियां
इस जाम की सबसे बड़ी मार स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रही है। गांगुली स्कूल सहित आसपास के कई शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी जाम में फंसकर अपनी कक्षाएं मिस कर रहे हैं। वहीं, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों का भी इस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। एक अभिभावक ने बताया, "स्कूल छोड़ने में हमें सामान्य दिनों से तीन गुना अधिक समय लग रहा है। न तो प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही दुकानदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास है।"
प्रशासनिक मौन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यातायात पुलिस और नगर निगम की मिलीभगत के कारण ही सड़कों पर अतिक्रमण का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है। समय-समय पर 'एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव' के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, लेकिन अभियान खत्म होते ही अतिक्रमण फिर से शुरू हो जाता है।
एक स्थानीय व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल भी अक्सर खराब रहते हैं, जिससे वाहन चालकों के बीच आपाधापी मची रहती है।
क्या हैं संभावित समाधान?
सड़क को जाम मुक्त बनाने के लिए शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
नो-पार्किंग जोन का सख्ती से पालन: स्टेशन चौक से गांगुली स्कूल तक के पूरे मार्ग को 'नो-पार्किंग जोन' घोषित कर वहां भारी जुर्माना लगाया जाए।
स्थायी अतिक्रमण हटाओ अभियान: फुटपाथी दुकानदारों के लिए अलग वेंडिंग जोन निर्धारित कर सड़क को पूरी तरह खाली कराया जाए।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती: सुबह और शाम के समय, जब यातायात का दबाव सबसे अधिक होता है, वहां अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती हो।
सड़क का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण: भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन को इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए एक स्थायी मैकेनिज्म तैयार करना होगा।
शहर की इस बदहाल यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजर कब पड़ेगी, यह देखने वाली बात है। फिलहाल तो स्टेशन से गांगुली स्कूल तक की यह सड़क विकास की दौड़ में भाग रहे भागलपुर के माथे पर एक बड़े कलंक की तरह नजर आ रही है।