हथुआ जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज, मीरगंज अधिकार मंच का धरना; मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
गोपालगंज।
गोपालगंज जिले के हथुआ जंक्शन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर सोमवार को मीरगंज अधिकार मंच और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए जनहित में प्रमुख ट्रेनों का नियमित ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की तथा रेलवे अधिकारियों से क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेने की अपील की। प्रदर्शन में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, छात्र, युवा और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
वर्षों पुरानी मांग को लेकर उठी आवाज
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हथुआ जंक्शन गोपालगंज जिले का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें बिना रुके गुजर जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव हथुआ जंक्शन पर सुनिश्चित कर दिया जाए तो लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मीरगंज अधिकार मंच ने उठाई जनहित की मांग
धरना का नेतृत्व कर रहे मीरगंज अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरी तरह जनहित के मुद्दे को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की यह मांग कई वर्षों से लंबित है, लेकिन अब तक रेलवे प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि हथुआ जंक्शन की भौगोलिक स्थिति और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यहां प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव पूरी तरह उचित और आवश्यक है।
व्यापार और शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
स्थानीय व्यापारियों और छात्रों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उनका कहना था कि ट्रेनों के ठहराव के अभाव में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अन्य शहरों की यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
व्यापारियों ने कहा कि बेहतर रेल सुविधा मिलने से क्षेत्र का आर्थिक विकास भी तेज होगा और स्थानीय कारोबार को नया अवसर मिलेगा।
रेलवे से शीघ्र निर्णय की मांग
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हथुआ जंक्शन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो रेलवे अधिकारियों की एक टीम स्टेशन का निरीक्षण कर यहां की वास्तविक स्थिति का आकलन करे।
लोगों ने यह भी मांग की कि रेलवे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना के दौरान मंच के नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक बनाया जाएगा। इसके तहत बड़े धरना-प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान, ज्ञापन और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हथुआ जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं हो जाता।
स्थानीय लोगों का मिला समर्थन
धरना-प्रदर्शन को क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का भी समर्थन मिला। लोगों ने एक स्वर में कहा कि रेलवे को यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
कई वक्ताओं ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला होता है। इसलिए हथुआ जंक्शन को भी उसकी जरूरत और महत्व के अनुरूप सुविधाएं मिलनी चाहिए।
हथुआ जंक्शन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब स्थानीय लोगों की व्यापक जनभावना का रूप ले चुका है। मीरगंज अधिकार मंच और क्षेत्रवासियों का कहना है कि बेहतर रेल सुविधा से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और विकास को भी नई गति मिलेगी। अब सभी की नजर रेलवे प्रशासन पर है कि वह इस लंबे समय से लंबित मांग पर क्या निर्णय लेता है।