भागलपुर में कमजोर बारिश के बीच सिंचाई संकट गहराया, 345 में से 134 सरकारी नलकूप बंद; धान रोपनी पर मंडराया खतरा
भागलपुर कृषि न्यूज।
खरीफ सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश ने भागलपुर जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में पहले से ही बदहाल सरकारी सिंचाई व्यवस्था अब किसानों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। स्थिति यह है कि जिले के कुल 345 सरकारी नलकूपों में से 134 नलकूप लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
किसानों का कहना है कि समय पर पानी की उपलब्धता नहीं होने से धान की रोपनी और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बारिश में कमी से बढ़ी परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन में अपेक्षित बारिश नहीं हुई है। कई क्षेत्रों में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिसके कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में बारिश की स्थिति नहीं सुधरती है, तो खेती-किसानी पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
345 नलकूपों में 134 बंद
जिला स्तर पर उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार भागलपुर में कुल 345 सरकारी नलकूप स्थापित हैं, जिनमें से 134 नलकूप लंबे समय से खराब पड़े हैं या संचालन में नहीं हैं।
इन नलकूपों के बंद होने के कारण कई ग्रामीण इलाकों में किसानों को सिंचाई के लिए निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत भी बढ़ रही है।
15 जुलाई तक बारिश नहीं तो बढ़ेगी मुश्किल
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जुलाई तक पर्याप्त वर्षा नहीं होती है, तो धान की रोपनी और खेतों की सिंचाई पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय धान की रोपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और पानी की कमी से उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता
इस स्थिति को लेकर किसानों में गहरी चिंता देखी जा रही है। कई किसानों ने बताया कि नलकूपों के खराब रहने से उन्हें निजी पंप सेट या डीजल पंप का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और सीमांत किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनके पास वैकल्पिक संसाधनों की कमी है।
कृषि कार्य पर सीधा असर
धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी का होना बेहद जरूरी है। ऐसे में नलकूपों की खराब स्थिति और कम बारिश का संयुक्त प्रभाव कृषि कार्य पर सीधा असर डाल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो उत्पादन में गिरावट के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से समाधान की मांग
किसानों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खराब पड़े नलकूपों को जल्द ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कृषि मौसम के दौरान सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना सबसे जरूरी है।
कई किसान संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
भागलपुर में कम बारिश और खराब सरकारी सिंचाई व्यवस्था ने खरीफ सीजन में किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 134 नलकूपों के बंद होने और बारिश की अनिश्चितता के कारण धान की रोपनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश और प्रशासनिक कदम ही स्थिति को सुधारने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।